22 की उम्र में ऐसा मुकाम आप भी करेंगे इन्हें सलाम
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सरकारी स्कूल में पढ़े छात्र ने पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की है। वे हिमाचल से दूसरे सबसे कम उम्र के प्रशासनिक अधिकारी बनेंगे। उन्होंने 1173 वां रैक हासिल किया है। हिमाचल में सबसे कम उम्र में आईएएस बनने का रिकार्ड वर्तमान में उपायुक्त कांगड़ा रितेश चौहान के नाम है।
रितेश चौहान 21 साल 11 महीने में वर्ष 2005 में आईएएस बने थे। विश्व मोहन ने 22 साल और 17 दिन में यूपीएससी की परीक्षा पास की है। बिलासपुर के घुमारवीं निवासी विश्व मोहन प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की आठवीं, दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में प्रदेश भर में टापर रहे हैं।
ठुकरा दी थी 50 हजार की नौकरी
14 दिसंबर 1992 में जन्मे विश्वमोहन ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर से अपनी पढ़ाई पूरी की। उनके नाम सबसे कम उम्र में इंजीनियरिंग करने का रिकार्ड है। विश्व मोहन ने नेट भी उत्तीर्ण किया है। विश्व मोहन की पिता वासुदेव शर्मा स्कूल लेक्चरर और माता वंदना शर्मा टीजीटी अध्यापक हैं। अमर उजाला से विशेष बातचीत में विश्व मोहन ने आईएएस में चयन का श्रेय अपने-माता पिता को दिया। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली में हैं रविवार तक हिमाचल लौटेंगे।
विश्व मोहन का कहना है कि उसका लक्ष्य प्रशासनिक अधिकारी बनना है। इंजीनियरिंग के बाद उसे पचास हजार मासिक सैलरी की नौकरी मिली, लेकिन देश सेवा के लिए इसे ठुकरा दिया। विश्व मोहन ने साढ़े चार साल की इंजीनियरिंग डिग्री महज साढ़े तीन साल यानी 42 माह में पूरी की। उसने बताया कि वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान 29 राज्यों की यूनियन का प्रतिनिधित्व करने वाली स्टूडेंट यूनियन का अध्यक्ष भी रहा।