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अतुल को पार्टी से निकालना जल्दबाजी का फैसला: वीरभद्र सिंह
विपिन काला/अमर उजाला, रामपुर बुशहर
Updated Fri, 10 Nov 2017 01:22 PM IST
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प्रदेश लघु उद्योग निगम के उपाध्यक्ष अतुल शर्मा को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित करने के फैसले पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि यह जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। मतदान के बाद जब ‘अमर उजाला’ ने सवाल किया कि एसआईडीसी उपाध्यक्ष अतुल शर्मा के निष्कासन पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
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इस पर वीरभद्र सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि अतुल शर्मा का पार्टी से निष्कासन करना जल्दबाजी में लिया फैसला है। अतुल पार्टी के युवा नेता रहे हैं और उन्होंने पार्टी में रहकर तन-मन से काम किया है।
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अपने क्षेत्र में भी उन्होंने लोगों और पार्टी के लिए काम करके अलग पहचान बनाई है। यह दुर्भावना से लिया गया फैसला भी हो सकता है, यह वक्त ऐसा फैसले लेने का नहीं था।
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पार्टी सूत्रों से मालूम हुआ है कि सुक्खू ने जैसे की अतुल शर्मा पर यह कार्रवाई की तो इससे सुक्खू विरोधी खासे नाराज हो गए।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बुधवार रात रामपुर के पद्म पैलेस पहुंचे तो सुक्खू विरोधियों ने मुख्यमंत्री के ध्यान में यह मामला लाया। इस मामले को लेकर केंद्रीय नेताओं खासकर हिमाचल कांग्रेस के प्रभारी सुशील कुमार शिंदे से भी नाराजगी जताई गई है।
अतुल शर्मा ने कहा कि वे शिमला ग्रामीण सीट में कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में जुटे थे। उनके खिलाफ क्यों यह कार्रवाई की गई, यह उनकी समझ से बाहर है।
यह एकतरफा और दुर्भाग्यपूर्ण कार्रवाई है। यह षड्यंत्रपूर्ण है। मुख्यमंत्री वीरभद्र और मंत्री विद्या स्टोक्स के साथ भी ठियोग में जनसभा की। उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।