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स्कूलों को लेकर वीरभद्र सिंह का बड़ा बयान

Wed, 01 Apr 2015 12:36 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 01 Apr 2015 12:36 PM IST
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virbhadra singh statement.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सदन में बताया कि अब प्रदेश में नए स्कूल खोलने की जरूरत नहीं है। स्कूलों को केवल अपग्रेड किया जा सकता है।

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अब छात्र संख्या के आधार पर स्कूलों और शिक्षकों को समायोजित किया जाएगा। जहां दो या तीन बच्चे हैं, उन्हें दूसरे स्कूल में भेजने की व्यवस्था की जाएगी।

मंडी में पांच कॉलेजों को मिलाकर रूसा के तहत कलस्टर विश्वविद्यालय बनाने पर विचार चल रहा है। वह मंगलवार को विधानसभा में भाजपा विधायकों की ओर से शिक्षा पर लाए गए कटौती प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे।
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विपक्ष ने किया वाकआउट

virbhadra singh statement.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में साक्षरता दर दूसरे राज्यों के मुकाबले बहुत अच्छी है। राज्य में जो भी सरकारें रही हैं, उनकी ओर से शिक्षा को बेहतर बनाने पर काम किया गया। इसके लिए धन्यवाद करता हूं।

उन्होंने सदन को बताया कि प्रदेश में कुल 10.53 लाख छात्र हैं, जिनमें से 5.34 लाख छात्राएं हैं। यह आंकड़े प्रदेश के लिए अहम हैं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को कटौती प्रस्ताव वापस लेने के लिए कहा, लेकिन जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वाकआउट किया।

पब्लिक स्कूलों में पढ़ाई नहीं, कमाई
सदन में वीरभद्र सिंह ने कहा कि पब्लिक स्कूल हाइब्रिड शिक्षा दे रहे हैं। ज्यादातर पब्लिक स्कूलों की गुणवत्ता ठीक नहीं है। सरकारी स्कूलों के शिक्षक भी अपने बच्चों को पब्लिक स्कूल ही भेजते हैं।

ऐसे में यह धारणा बन गई है कि जब गुरुजी अपने बच्चों को पब्लिक स्कूल में भेज रहे हैं तो मैं क्यों नहीं? ऐसा कोई कानून नहीं है, जिससे ऐसे स्कूलों पर पाबंदी लगाई जा सके। पब्लिक स्कूलों में पढ़ाई नहीं, कमाई होती है।

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