पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अस्थियों के तैयार किए 72 कलश, 68 विस क्षेत्रों की नदियों में होगा विसर्जन
सोमवार को राजसी परंपरा के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने रामपुर में जोबनी बाग से अस्तु एकत्रित किए।
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पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की अस्थियों के 72 कलश बनाए गए हैं। हरिद्वार में गंगा के अलावा प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में बहने वाली प्रमुख नदियों में अस्थि विसर्जन किया जाएगा। हरिद्वार जाकर गंगा में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की अस्थियों का विसर्जन विक्रमादित्य सिंह के चचेरे भाई रिपू धवन कंवर करेंगे। सोमवार को राजसी परंपरा के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने रामपुर में जोबनी बाग से अस्तु एकत्रित किए। शिंगला से आए कुल पुरोहित और खखरोला से आए ठाकुर परिवार के सदस्यों ने अंतिम विधी विधान की रस्में पूरी कीं।
सोमवार सुबह नौ बजे विक्रमादित्य सिंह पद्म पैलेस से जोबनी बाग गए। करीब 9:45 बजे कलश स्थापना सहित पूजा-पाठ और विधियां संपन्न हुईं। पंडित सुदर्शन और आचार्य योगराज ने अस्तु एकत्र करने का विधि को पूरा किया। राजपरिवार के रिश्तेदार माने जाने वाले खखरोला गांव के ठाकुर भी मौजूद रहे। मां भीमाकाली मंदिर और हॉलीलॉज में भी अस्तु रखे जाएंगे। मां भीमाकाली मंदिर, हॉलीलॉज शिमला और पद्म पैलेस रामपुर में अस्थि कलश रखे गए हैं।
16 जुलाई को रिपू धवन कंवर हरिद्वार जाएंगे और 17 जुलाई को अस्थियां गंगा में प्रवाहित करेंगे। प्रदेश के विभिन्न विस क्षेत्रों की नदियों में अस्थियों के विसर्जन के लिए प्रदेश कांग्रेस ने ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ता तैनात किए हैं। ये नियमानुसार अस्थियों का विसर्जन करेंगे। 18 जुलाई को राज दरबार परिसर रामपुर में शुद्धि करवाई जाएगी। क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए भोज की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान दीपक सूद, ध्रुव शर्मा, अतुल शर्मा, एसपी नेगी और शिंगला के करीब 15 ब्राह्मण लोग मौजूद रहे।