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सीएम वीरभद्र और जीएस बाली का विवाद फिर हुआ जगजाहिर

Sun, 10 May 2015 12:47 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 10 May 2015 12:47 PM IST
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virbhadra singh and balli dispute, not solve

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनकी परिवहन मंत्री जीएस बाली से केवल दस मिनट ही बात हुई है। सीएम ने कहा कि उन्होंने सिर्फ उनके विभाग पर ही चर्चा की। इसके अलावा कोई बात नहीं हुई।

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लक्ष्य बेरोजगार यात्रा पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने टिप्पणी नहीं की। इस पर वह केवल इतना ही बोले कि ऐसा कुछ नहीं। वीरभद्र सिंह ने शनिवार को राज्य सचिवालय में केंद्रीय योजनाओं को लांच करने के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि यह गलत है कि उन्होंने बाली से डेढ़ घंटे या पौने घंटे तक बात की।
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मंडी लोकसभा सीट पर ब्राह्मणवाद का प्रभाव होने के बयान पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने यह पिछले चुनाव के संदर्भ में कहा था। उनकी बात को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। वीरभद्र सिंह ने माना कि उनसे पंडित सुखराम मिले थे। उन्हें भी स्थिति स्पष्ट हो गई है।

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एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश से हड़कंप

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सरकारी स्कूलों में बच्चों को घटिया वर्दी बांटने के मामले में खाद्य आपूर्ति निगम बुरी तरह फंस गया है। मुख्यमंत्री की ओर से कंपनी पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश से हड़कंप मचा है।

निगम नहीं चाहता कि इस मामले में अब एफआईआर हो। उसका तर्क है कि इस कंपनी पर करोड़ों रुपये जुर्माना पहले ही लगाया जा चुका है। उधर विभाग के मुखिया जीएस बाली भी एफआईआर दर्ज करने के फैसले से संतुष्ट नहीं है।

उन्होंने कहा यह एक गंभीर मामला है। उनका कहना है कि फाइल पढ़ने के बाद ही वह आगे कोई फैसला करेंगे। घपला करने वाली कंपनी पर एफआईआर दर्ज कराने की मंजूरी मुख्यमंत्री पीरभद्र सिंह ने दी थी।

यह खबर अमर उजाला में छपने के बाद निगम और सचिवालय के अफसरों में हडकंप है। मामला गंभीर है, लिहाजा कोई भी अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं।

हर कोई खुद को बचाने की कोशिश में जुटा है। उधर विधि विभाग का कहना है कि जुर्माना लगाने के बाद भी कंपनी पर एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। अब निगम को कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में क्या दिक्कत है यह अपने में जांच का विषय है।

ब्राह्मणवाद पर सीएम की सफाई

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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज का हाथ पकड़कर कहा- भारद्वाज जी, कैसे हैं आप? इस पर सुरेश भारद्वाज बोले, ठीक हैं पर आपने ब्राह्मणों को घेर लिया है। इस पर मुख्यमंत्री बोले, मैं सेकुलर सोच का आदमी हूं।

मैंने कभी जातिवाद को बढ़ावा नहीं दिया। मैंने हिमाचल के एक चुनाव की बात की है। किसी पार्टी का नाम लिए बगैर कहता हूं कि इस चुनाव में इस पार्टी ने जाति के नाम पर वोट मांगे।

क्या है मामला

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स्कूलों में यह वर्दी तीन वर्ष पहले बांटी गई थी। इसकी गुणवत्ता घटिया थी। वर्दी के बड़े पैमाने पर सैंपल फेल हो गए। इसीलिए कंपनी के खिलाफ तीन करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया।

हाल ही में विधानसभा में भी भाजपा विधायक ने इस मामले को गंभीरता से उठाया था। इस दौरान विपक्ष ने मामले में कार्रवाई की मांग की थी।

विधानसभा के दौरान ही सत्ता पक्ष ने वर्दी मामले की विस्तृत रिपोर्ट विधानसभा में रखी, जिसमें जुर्माना और कार्रवाई की बात कही गई थी।

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