Vimal Negi Case: शिमला पहुंची सीबीआई की 4 सदस्यीय टीम, जांच शुरू; SIT समेत जांच अधिकारियों से की जाएगी पूछताछ
प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत मामले की जांच के लिए सीबीआई की टीम शिमला पहुंच गई है।
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पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत मामले की जांच के लिए सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) की टीम वीरवार को शिमला पहुंच गई। सीबीआई के डीएसपी बृजेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को टीम शिमला के पुलिस अधीक्षक कार्यालय से और रिकॉर्ड कब्जे में ले सकती है।
सीबीआई ने डीएसपी बृजेंद्र प्रसाद सिंह के अलावा इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार और सब इंस्पेक्टर नीलेश सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा है। इस टीम में एक स्टेनोग्राफर भी शामिल है। टीम के अधिकारी पावर कॉरपोरेशन के स्टाफ और विमल नेगी के परिवार वालों के बयान दर्ज करेंगे। पूर्व में मामले की जांच कर रही पुलिस एसआईटी से भी पूछताछ होनी है। प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा को सौंपा था। ऐसे में टीम सचिवालय जाकर उनसे भी बातचीत कर सकती है। डीजीपी अतुल वर्मा से भी इस मामले में जानकारी ली जाएगी। मामले की जांच के दौरान पुलिस एसआईटी ने पेन ड्राइव और पर्सनल डायरियां भी कब्जे में ली हैं। इन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब जुन्गा भेजा गया है। ऐसे में सीबीआई पत्र लिखकर वहां से रिकॉर्ड मांगेगी। टीम पुलिस मुख्यालय शिमला के गेस्ट हाउस में ठहरी है। टीम ऊना और बिलासपुर भी जाएगी।
मीणा की अंतरिम जमानत 5 जून तक बढ़ी अब सीबीआई रखेगी हाईकोर्ट में अपना पक्ष
हिमाचल हाईकोर्ट ने पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत से जुड़े मामले में कॉरपोरेशन के पूर्व एमडी हरिकेश मीणा की अंतरिम जमानत पर अब सीबीआई बहस करेगी। अदालत ने मीणा की अंतरिम जमानत 5 जून तक बढ़ा दी है। इससे पहले मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अदालत में एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें बताया गया कि हाईकोर्ट की ओर से 23 मई को सीडब्ल्यूपी नंबर 6508/2025 के पारित निर्णय के तहत जांच सीबीआई को स्थानांतरित कर दी गई है। न्यायाधीश विरेंद्र सिंह की अदालत ने आवेदन के बाद सीबीआई को पार्टी बनाया है। वहीं अदालत में वीरवार को सुनवाई के दौरान हरिकेश मीणा व्यक्तिगत तौर पर पेश नहीं हुए। गौरतलब है कि विमल नेगी के परिजनों ने पूर्व एमडी हरिकेश मीणा, पूर्व निदेशक देसराज समेत शिवम प्रताप पर गंभीर आरोप लगाए थे। पत्नी का आरोप है कि उच्च अधिकारियों ने उनके पति को मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया है।
सरकार पीटरहॉफ और सर्किट हाउस सीबीआई को देने के मूड में नहीं
पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में जांच करने आ रही सीबीआई को हिमाचल सरकार पीटरहॉफ और सर्किट हाउस (विली पार्क) देने के मूड में नहीं है। बीते गुड़िया कांड के दौरान भी सीबीआई के अधिकारी कई महीने तक पीटरहॉफ में रहे। इस पर भी पर्यटन निगम ने सरकार को लाखों रुपये के बिल थमाया, मगर उसकी वसूली नहीं हो पाई। गुड़िया कांड में सीबीआई जांच अधिकारी स्टेट गेस्ट थे। अगर सीबीआई ने आवास और बेस कैंप बनाने के लिए सरकार से कमरों की डिमांड की तो उसे रेस्ट हाउस उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, हाईकोर्ट में सौंपी गई प्रशासनिक रिपोर्ट में पेखुबेला प्रोजेक्ट का भी जिक्र है। ऐसे में वित्तीय लेने देने से संबंधित आशंका के चलते प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले की जांच कर सकती है। ऐसे में सीबीआई विमल नेगी के परिजनों सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) ओंकार शर्मा, पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा, पुलिस अधीक्षक संजय गांधी और एसआईटी के सदस्यों से भी पूछताछ करेगी। इसके अलावा ओंकार शर्मा की ओर से हाईकोर्ट में दी गई रिपोर्ट में जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान है, उनके भी बयान दर्ज होंगे।