Himachal: गांवों को मिलेगा शुद्ध पेयजल, जल गुणवत्ता निगरानी परियोजना को केंद्र ने दी मंजूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में अब लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने राष्ट्रीय जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए जल गुणवत्ता निगरानी एवं सर्विलांस परियोजना को मंजूरी दी है।
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हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अब लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने राष्ट्रीय जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए जल गुणवत्ता निगरानी एवं सर्विलांस परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत पेयजल स्रोतों और नल जल योजनाओं से मिलने वाले पानी की नियमित जांच, गुणवत्ता की निगरानी और आधुनिक परीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। अब गांवों में लोगों को फ्लोराइड, भारी धातुओं और जीवाणुओं से दूषित पानी पीने की आशंका कम होगी।
पानी के नमूनों की नियमित जांच होने से समय रहते किसी भी प्रकार की अशुद्धि का पता लगाया जा सकेगा और संबंधित जल स्रोत या योजना में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। परियोजना के तहत जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही पेयजल स्रोतों, नल जल योजनाओं और जल गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों के संग्रह, विश्लेषण और निगरानी की व्यवस्था को भी आधुनिक बनाया जाएगा। इससे पूरे प्रदेश में पानी की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों की रोकथाम में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी। दूषित पानी के कारण होने वाले दस्त, टायफाइड, हैजा और अन्य संक्रमणों के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। नियमित निगरानी से लोगों को सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति बहुल बस्तियों तथा पानी की कमी वाले क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि हर ग्रामीण परिवार तक गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंच सके। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सुरक्षित, पर्याप्त और गुणवत्ता युक्त पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में यह स्वीकृति हिमाचल के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राज्य सरकार की प्राथमिकता हर ग्रामीण परिवार तक केवल नल का पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध कराना है। केंद्र से मिली इस स्वीकृति से जल गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था और मजबूत होगी। लोगों को स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित किया जा सकेगा। - मुकेश अग्निहोत्री, उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री