Himachal: विक्रमादित्य सिंह बोले- 1560 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की इसी माह मिलेगी स्वीकृति
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पीएमजीएसवाई-3 के तहत 3,345 करोड़ की लागत से 3,123 किलोमीटर लंबाई की सड़कों व 43 पुलों के कार्य चल रहे हैं और 18 महीनों इन कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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पीएमजीएसवाई-4 के तहत प्रदेश के 1560 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की मंजूरी इसी माह मिल जाएगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने उन्हें इसे लेकर आश्वस्त किया है। प्रदेश में 1400 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर 150 से 250 आबादी वाले गांवों को सड़कों से जोड़ा जाएगा। 1560 में से 247 गांवों पर केंद्र सरकार ने आपत्ति लगाई है, जिसे दूर करने के लिए केंद्र सरकार की टीम हिमाचल दौरे पर आई है। सरकार का पूरा प्रयास है कि आपत्तियां दूर कर इन सभी गांवों को परियोजना में जोड़ा जाए। पीएपजीएसवाई-4 के तहत प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में 80 फीसदी सड़कें बनाई जाएंगी और जनजातीय जिलों पांगी भरमौर, लाहौल-स्पीति और किन्नौर को प्राथमिकता दी जाएगी। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि इन सड़कों के लिए प्रदेश के लोग बड़ा दिल दिखाएं और निजी भूमि विभाग के नाम गिफ्ट डीड के रूप में दें।
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-3(पीएमजीएसवाई ) के अंतर्गत राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। विभाग को 3,123 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों और 43 पुलों के निर्माण के लिए केंद्र से 3,345 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। 18 महीनों इन कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों की कटिंग का कार्य हो गया है, अब सड़कों की टारिंग का कार्य पूरे प्रदेश में चला हुआ है। सितंबर तक पीएमजीएसवाई के कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य है। राज्य में अब तक 517.334 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया गया है, जिस पर 802.59 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने तथा सड़क निर्माण कार्य को समयबद्ध पूर्ण करने की विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 905 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि 650 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। उन्होंने बताया कि विभाग के बेहतर प्रदर्शन के दृष्टिगत राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से 2025-26 के लिए बजट आवंटन को बढ़ाकर 1300 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग पीएमजीएसवाई-4 पर भी सक्रियता से कार्य कर रहा है। अब तक 1,560 आवासीय क्षेत्रों का मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है, जिनमें से 1,115 आवासीय क्षेत्रों को ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से पात्र पाया गया है। इनमें 862 आवासीय क्षेत्रों को पहले ही मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें चरण-1 के तहत 102 आवासीय क्षेत्र भी शामिल हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के साथ 30 अप्रैल को हुई बैठक के बाद, राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (एनआरआइडीए) की उच्च स्तरीय टीम ने 2 और 3 मई को शिमला का दौरा किया। इस टीम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की और पूर्व में अस्वीकृत किए गए 247 आवासीय क्षेत्रों के सत्यापन के बाद उनकी स्वीकृति पर पुनर्विचार करने का आश्वासन दिया। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास 247 आवासीय क्षेत्रों में से 151 के लिए ही भूमि उपलब्ध है, जिसके लिए शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया गया है। राज्य स्वीकृति प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद लगभग 250 विस्तृत परियोजनाएं तैयार कर सकेगा, जिनमें 1400 किलोमीटर लंबी सड़कों का कार्य शामिल होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्य समयबद्ध पूर्ण किया जाएगा।