Himachal: केंद्रीय मंत्री से मिले विक्रमादित्य, पीएमजीएसवाई में गांवों की बदलेगी तस्वीर, 1200 नई सड़कें बने
हिमाचल के लिए पीएमजीएसवाई‑4 के तहत लगभग 1,500 किलोमीटर लंबाई की ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 2,300 करोड़ है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के अंतर्गत प्रदेश में स्वीकृत एवं प्रगति पर चल रही सड़क परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में शिमला जिले के दुर्गम क्षेत्र डोडरा क्वार की लंबित सड़क योजना पर चर्चा हुई। प्रदेश को योजना के चौथे चरण में लगभग 1500 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों की स्वीकृति मिल चुकी है, जिन पर लगभग 2300 करोड़ रुपये खर्च अनुमानित है। अगले चरण में 1200 किलोमीटर अतिरिक्त सड़कों का प्रस्ताव भेजा गया है, जिनके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने आवश्यक मामलों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
विक्रमादित्य ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में स्वीकृत डोडरा क्वार सड़क का कुछ भाग कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित कार्य अवधि और प्रतिकूल मौसम के कारण अब तक पूर्ण नहीं हो पाया है। यह मार्ग स्थानीय ग्रामीणों, सीमावर्ती क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य आपात सेवाओं तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि शेष कार्यों और लंबित खंडों के लिए विशेष अनुमति, अतिरिक्त आर्थिक सहायता तथा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाए, जिससे क्षेत्र के लोगों को जल्द से जल्द सभी मौसमों में सड़क सुविधा मिल सके।
लोगों से गिफ्ट डीड उपलब्ध करवाने का अनुरोध
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिमाचल की आवश्यकताओं के प्रति पूर्ण संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि डोडरा क्वार के लंबित पैकेजों, पीएमजीएसवाई-1 के अवशिष्ट कार्यों तथा आवश्यक वित्तीय अनुमोदनों के विषय को वित्त मंत्रालय सहित संबंधित स्तरों पर प्राथमिकता से उठाया जाएगा और सकारात्मक परिणाम शीघ्र प्राप्त होंगे। प्रदेश सरकार ने दोहराया कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क विकसित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यह केवल सड़कों का निर्माण नहीं, बल्कि समान अवसरों, ग्रामीण समृद्धि और आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में एक सशक्त संकल्प है। विक्रमादित्य सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और भूमि स्वामियों से अपील की कि वे अधिकतम संख्या में गिफ्ट डीड उपलब्ध करवाकर विभाग को सहयोग दें, ताकि सड़क निर्माण के लिए आवश्यक भूमि समय पर उपलब्ध हो सके और राज्य की अधिक से अधिक वंचित बस्तियों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि आपका सक्रिय सहयोग ही दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुँचाने में सबसे बड़ा संबल है।