Kullu News: विक्रमादित्य सिंह की दो टूक- बख्शे नहीं जाएंगे नदी-नालों में अवैध खनन करने वाले
गुरुवार को कुल्लू के परिधि गृह में बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करने के बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नदी-नालों में अवैध खनन करने वालों को चेताया कि वह अब बख्शे नहीं जाएंगे।
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लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बाढ़ से भुंतर के पारला भुंतर और मनाली में भारी नुकसान हुआ है। यह नुकसान ब्यास नदी व अन्य सहायक नदी-नालों में किए जा रहे अवैध खनन से हुआ है। खनन से नदियों को रुख मुड़ रहा है गुरुवार को कुल्लू के परिधि गृह में बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करने के बाद उन्होंने नदी-नालों में अवैध खनन करने वालों को चेताया कि वह अब बख्शे नहीं जाएंगे। इस मामले को वह मुख्यमंत्री के साथ विधानसभा में रखेंगे और ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा कि भुंतर व मनाली में हुए नुकसान इसी का नतीजा है। खनन विभाग और पुलिस को इस पर और सख्ती बरतने की जरूरत हैं। यह काम अब कागजों पर नहीं चलेगा, इसे धरातल पर सख्ती से उतारा जाएगा।
भूतनाथ पुल को जल्द शुरू किया जाएगा। वहीं बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए अखाड़ा बाजार में ब्यास नदी पर बने बैली ब्रिज को एक सप्ताह के भीतर तैयार किया जाएगा। बरसात से लोक निर्माण विभाग के सूबे में 955 करोड़ का नुकसान आंका गया है। वहीं मुख्यमंत्री ने विभाग को 75 करोड़ की राशि जारी की है। उन्होंने कहा कि कुल्लू-मनाली हाईवे-3 स्थित बनाली के पास सड़क की अलाइनमेंट को बदला जाएगा। इसके लिए एनएचएआई के अधिकारी कुल्लू आ रहे हैं। कहा कि कई जगहों से हाईवे का नामोनिशान ही मिट गया है। इस मामले को वह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष भी उठाएंगे। इस मौके पर सांसद प्रतिभा सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सेस राम आजाद, मनु शर्मा भी मौजूद रहे।
रोते-बिलखते लोगों ने बयां किया दर्द, चार दिन बाद भी नहीं पहुंचा प्रशासन
जीवनभर की पूंजी लगाकर अपने लिए बनाया अशियाना ब्यास नदी में बह गया और वह सड़क पर आ गए। रोते-बिलखते यह दर्द ब्यास नदी में आई बाढ़ से प्रभावित पारला भुंतर के लोगों ने लोक निर्माण विभाग के मंत्री व्रिकमादित्य सिंह व सांसद प्रतिभा सिंह से बयां किया है। गुरुवार को वह बाढ़ग्रस्त भुंतर इलाके का जायजा लेने पहुंचे थे। प्रभावितों ने कहा कि उनके घरवार उजड़े हुए चार दिन हो गए और अभी स्थानीय विधायक व प्रशासन की तरफ से कोई नहीं आया है। हालांकि कई नेता यहां आए, सभी बाहर-बाहर से निकल गए।
बाढ़ प्रभावित सरिता शर्मा, कुलदीप शर्मा, देवेंद्र शर्मा, सुभाष शर्मा, पवन शर्मा, विनीत शर्मा ने कहा कि जब तक उनकी रहने की व्यवस्था नहीं हो जाती है, तब तक सरकार उनको घर बनाकर दें। रोते-बिखलते बाढ़ प्रभावित महिलाओं ने सांसद प्रतिभा सिंह से उनको घर बनाने के लिए जमीन व उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई।
राहत राशि में भी अलग-अलग मापदंड, किसी को 10 हजार तो किसी के एक लाख
भुंतर के बाढ़ प्रभावितों को गुरुवार दोपहर बाद प्रशासन की तरफ से फौरी राहत राशि प्रदान की गई। इसमें 10,000 रुपये प्रत्येक प्रभावित को दिए गए। जबकि सैंज में हुए बाढ़ के नुकसान के प्रभावितों को एक-एक लाख की राशि दी है। प्रभावितों का कहना है कि राहत राशि में भी अलग-अलग मापदंडों को अपनाया जा रहा है। इसमें जो किरायेदार थे, उन्हें किसी तरह की फौरी राहत नहीं दी गई। बाढ़ में उनका भी लाखों का नुकसान हुआ है।