मालरोड पर मेजर, बाली की चहलकदमी से प्रदेश में गरमाई सियासत
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मेजर मनकोटिया पर कार्रवाई को लेकर सरकार और प्रदेश कांग्रेस कमेटी में मचे सियासी घमासान के बीच कैबिनेट मंत्री जीएस बाली ने सियासी दांव चला है। पीटरहॉफ में विधायक दल की बैठक के तुरंत बाद मनकोटिया और बाली की मालरोड पर मुलाकात हुई। करीब चार बजे दोनों नेता रिज पर मिले।
मालरोड पर साथ साथ घूमने के बाद आशियाना में चाय की चुस्कियां ली। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मनकोटिया को लेकर कड़ी नाराजगी के बीच बाली की ‘टी डिप्लोमेसी’ से कांग्रेस में राजनीति गर्मा गई है। सर्वाधिक विधानसभा सीटों वाले कांगड़ा जिले के दो दिग्गजों की मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
मुलाकात को लेकर मनकोटिया का कहना है कि बाली ने उन्हें फोन कर बुलाया था। वहीं बाली ने इस मुलाकात को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। सोमवार को करीब चार बजे दोनों नेता रानी झांसी पार्क के नीचे एक-दूसरे से मिले। दोनों की इस मुलाकात में गर्मजोशी दिखी। माल रोड पर टहलते हुए दोनों के बीच लंबी चर्चा होती दिखी।
स्कैंडल प्वाइंट से घूमकर दोनों आशियाना पहुंचे। जहां चर्चाओं का लंबा दौर चला। दोनों नेताओं की यह मुलाकात की टाइमिंग अचरज में डालने वाली है। सोमवार को कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के दिग्गज अंबिका सोनी, सलमान खुर्शीद और आनंद शर्मा पीटरहाफ में थे।
चर्चा यह भी है कि आखिर किन वजहों से बाली ने वरिष्ठ नेताओं का दरबार को छोड़कर पुराने दोस्त मनकोटिया के साथ समय बिताने का फैसला लिया।
वीरभद्र से तालमेल का सवाल नहीं: मनकोटिया
सियासी रणनीतिकार भी वीरभद्र सिंह विरोधी मनकोटिया से बाली के खुलेआम मिलने के सियासी संकेत भांपने में लगे हैं। जाहिर है कि वीरभद्र खेमे में इस मुलाकात से खलबली होगी। दोपहर को मुख्यमंत्री ने जिस तरह मनकोटिया पर सियासी कटाक्ष किये, उसी शाम उनके मंत्री का विरोधी से मिलना चौंकाने वाला है।
यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि मौजूदा सरकार में कांगड़ा जिले से कांग्रेस के सर्वाधिक विधायक हैं। किसी भी सरकार को बनाने या न बनाने में कांगड़ा हमेशा से निर्णायक भूमिका निभाता आया है। इन स्थितियों में सीएम वीरभद्र सिंह से रुष्ट चल रहे मनकोटिया से जीएस बाली की भेंट नए समीकरणों का संकेत भी देती दिख रही है।
दोनों नेताओं ने इस मुलाकात को सियासी रंग देने से इंकार किया। मनकोटिया बोले कि उन्हें जीएस बाली का फ ोन आया कि फुर्सत हो तो माल रोड आकर कुछ गपशप करते हैं। इस बुलावे के बाद वे उनसे मिलने चले गए। वीरभद्र सिंह से उनके संबंधों पर कोई बात नहीं हुई। इस बारे में कोई बात भी करे तो वे दो टूक कह चुके हैं कि वीरभद्र से तालमेल बनाने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
प्रेस कान्फ्रेंस में बताऊंगा मनकोटिया से क्यों मिला
मनकोटिया से मुलाकात के परिवहन मंत्री जीएस बाली क्या संकेत देना चाहते हैं यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि कल इस मुलाकात को लेकर प्रेस कान्फ्रेंस करूंगा कि आखिर मेजर मनकोटिया से क्यों मिला। हालांकि सियासी गलियारों में पहेलियां बूझाई जा रही हैं कि वीरभद्र विरोधी से किस योजना के तहत वे मिले? अब बाली मंगलवार को कौन सा दांव खेलते हैं इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।