फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   vijay divas, 52 martyr from himachal.

ये हैं वो वीर जवान जिनके कारण कारगिल में लहराया था तिरंगा

Sun, 26 Jul 2015 11:55 AM IST
Updated Sun, 26 Jul 2015 11:55 AM IST
विज्ञापन
vijay divas, 52 martyr from himachal.

17,000 फीट की ऊंचाई में बर्फीली घाटियां। तापमान शून्य से 10-15 डिग्री कम। सांस लेना तक मुश्किल। वहां भारतीय जवानों ने जिस कुशलता से 1999 में कारगिल युद्ध का पासा पलटा, वैसा उदाहरण किसी भी देश की सेना ने आज तक प्रस्तुत नहीं किया।

विज्ञापन


नामुमकिन सा था तोलोलिंग और टाइगर हिल जैसी पहाड़ियों पर कब्जा करना। दुश्मन पहाड़ियों के ऊपर था और भारतीय जवान नीचे। पाकिस्तानी अपने निशाने को देख सकते थे लेकिन हमारे जवान लक्ष्य को देख नहीं सकते थे।
विज्ञापन


उन्हें अपना बचाव करते हुए, हथियार उठाकर बर्फीली पहाड़ी पर चढ़कर दुश्मन को ढूंढकर उसे मारना था। यह कठिन काम कर दिखाया हमारे वीर जवानों ने। चारों ओर से गोलियों की बौछारों के बीच जवान आगे बढ़ते गए और दुश्मन को मार गिराया। एक अपराजेय से लगने वाले युद्ध में विजय प्राप्त करना भारतीय सेना के ही वश की बात थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल के 52 जवान हुए थे शहीद

vijay divas, 52 martyr from himachal.

16 वर्ष पूर्व पाक के नापाक इरादों को कुचलते हुए भारतीय सेना के रणबांकुरों ने 26 जुलाई 1999 को कारगिल में दुश्मनों को अपनी सरहदों से खदेड़ कर बहादुरी की इबारत अपने नाम लिख दी थी। इस अघोषित युद्ध में देश के सैकड़ों जवानों ने वीरगति प्राप्त की।

हिमाचल प्रदेश के 52 रणबांकुरों ने शहादत का जाम पीया। इनमें कांगड़ा के सबसे अधिक 15 सैनिक थे। मंडी के 11, हमीरपुर और बिलासपुर के सात-सात, शिमला के चार, ऊना और सोलन के दो-दो और चंबा व कुल्लू के एक-एक सैनिक ने देश की आन के लिए शहादत का जाम पीया था।

विक्रम बत्रा और संजय को परमवीर चक्र

vijay divas, 52 martyr from himachal.

पालमपुर से कैप्टन विक्रम बत्रा को मरणोपरांत सेना के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से नवाजा गया। 13वीं बटालियन जम्मू-कश्मीर राइफल के शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा ने 6 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान दुश्मनों को ढेर करते हुए प्वांइट 5140 व 4875 पर तिरंगे के साथ विजय पताका फहराई थी।

बिलासपुर के कलोल क्षेत्र के बकैण गांव के संजय कुमार हिमाचल के एकमात्र जीवित परमवीर चक्र विजेता हैं। 13वीं बटालियन जम्मू-कश्मीर राइफल में तैनात संजय कुमार ने कारगिल के टॉप क्षेत्र में 5 जुलाई 1999 को दुश्मनों को धूल चटाते हुए इस क्षेत्र पर तिरंगा फहराया था। युद्ध में इस साहस व बहादुरी के लिए संजय को सेना के सर्वोच्च युद्ध पदक परम वीर चक्र से 15 अगस्त 1999 को सम्मानित किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed