{"_id":"5f3d5b621b08151dc54a405e","slug":"vigilance-starts-investigation-against-a-minister-on-corruption-complaint","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार की शिकायत पर एक मंत्री के खिलाफ विजिलेंस ने शुरू की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार की शिकायत पर एक मंत्री के खिलाफ विजिलेंस ने शुरू की जांच
Thu, 20 Aug 2020 10:35 AM IST
Krishan Singh
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 20 Aug 2020 10:35 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पद पर रहकर अर्जित काले धन से रिश्तेदारों के नाम पर अकूत संपत्तियां जुटाने के आरोप में घिरे जयराम सरकार के एक मंत्री के खिलाफ विजिलेंस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। शिकायत का डिस्क्रीट वेरिफिकेशन किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस वेरिफिकेशन में अगर शिकायत में मिले आरोपों को लेकर कुछ ठोस जानकारी मिलती है तो विजिलेंस ब्यूरो मंत्री के खिलाफ नियमित जांच की अनुमति मांगेगी।
विज्ञापन
ऐसा इसलिए है, क्योंकि 2018 में हुए प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के संशोधन के बाद राजपत्रित अधिकारी या सांविधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ जांच के लिए सरकार से अनुमति लेना आवश्यक है। विजिलेंस की इस कवायद के बीच हाल ही में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की मुलाकात के बाद मंत्री की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि अगर सरकार ने मंजूरी दी तो कैबिनेट से आरोपी नेता की छुट्टी हो सकती है।
विज्ञापन
दरअसल, सरकार के एक मंत्री के खिलाफ हाल ही में कांगड़ा के रहने वाले राकेश चौहान ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय के अलावा विजिलेंस से शिकायत की थी। दस्तावेज अटैच कर आरोप लगाया था कि मंत्री ने अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम से कई संपत्तियां खरीदीं। साथ ही कई अन्य दस्तावेज भी लगाते हुए कुछ जमीनों के बेनामी या डमी व्यक्ति खड़ा कर उसके नाम पर बैनामा कराने की भी शिकायत की है।
विज्ञापन
सरकार से नियमित जांच की मांगी जा सकती है अनुमति
मामला सरकार के एक मंत्री से जुड़ा होने के बावजूद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद विजिलेंस ने इसका वेरिफिकेशन शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि इसके बाद सरकार से नियमित जांच की अनुमति मांगी जाएगी।