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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Vigilance seized the records in the case of taking a loan of Rs 20 crore fraudulently

हिमाचल: फर्जी तरीके से 20 करोड़ का लोन लेने के मामले में विजिलेंस ने कब्जे में लिया रिकॉर्ड

Sat, 11 Jan 2025 11:17 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 11 Jan 2025 11:17 AM IST
सार

ऊना जिले में एक व्यक्ति विशेष को 20 करोड़ रुपये का फर्जी तरीके से लोन लेने और धोखाधड़ी मामले में कांगड़ा सहकारी बैंक का शुक्रवार को रिकाॅर्ड कब्जे में ले लिया है। 

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Vigilance seized the records in the case of taking a loan of Rs 20 crore fraudulently
स्टेट विजिलेंस हिमाचल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विजिलेंस ब्यूरो ने ऊना जिले में 20 करोड़ रुपये का फर्जी तरीके से लोन लेने और धोखाधड़ी मामले में जांच तेज कर दी है। टीम ने शुक्रवार को कांगड़ा सहकारी बैंक का रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। कुछ रिकॉर्ड सोमवार को विजिलेंस कार्यालय में जमा करवाने को कहा है।  विजिलेंस ने एसपी वीरेंद्र कालिया को मामले की जांच सौंपी है। आरोप है कि यह लोन एक व्यक्ति ने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसीबी) के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से लिया गया है।

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वहीं आईजी विजिलेंस विमल गुप्ता ने इस मामले में शुक्रवार को जांच कर रहे वीरेंद्र कालिया और विजिलेंस के अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मामले पर चर्चा की गई। अब बैंक के संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और मैसर्स होटल लेक पैलेस के मालिक युद्ध चंद बैंस को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इस मामले में पहले भी दो बार जांच हो चुकी है, लेकिन अब विजिलेंस इस मामले की जांच करेगी। बताया जा रहा है कि मामले की परतें खुलने पर कई नेताओं के नाम भी जांच की जद में आ सकते हैं।
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उल्लेखनीय है कि विजिलेंस ने आरोपी व्यक्ति, बैंक के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार मैसर्स हिमालय स्नो विलेज और मैसर्स होटल लेक पैलेस के मालिक युद्ध चंद बैंस पर आरोप हैं कि उसने बैंक स्टाफ से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये का लोन ले लिया। आरोप यह भी हैं कि इस दौरान बैंक के अधिकारियों ने अपनी स्वयं की ऋण नीतियों के साथ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के दिशा-निर्देशों की भी अवहेलना की।    
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इस मामले में प्रदेश सरकार के सचिव (सहकारिता) से प्राप्त शिकायत और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) की जांच पूरी होने के बाद विजिलेंस ने केस दर्ज किया है। विजिलेंस का मानना है कि इस धोखाधड़ी को कैसे अंजाम दिया गया और कितने लोग इसमें शामिल हैं, जांच के बाद ही इसका खुलासा हो सकेगा। विजिलेंस की टीम हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

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