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सचिवालय में हुए सैनिटाइजर घोटाले में विजिलेंस ने दर्ज की एफआईआर
Wed, 13 May 2020 04:16 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 13 May 2020 04:16 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश राज्य सचिवालय में हुए सैनिटाइजर घोटाले में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने सैनिटाइजर सप्लाई करने वाले सरकारी ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ही इस मामले की विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे जिसके बाद ब्यूरो ने ठेकेदार व आपूर्तिकर्ता मेसर्स ललित कुमार पर धोखाधड़ी व जालसाजी का मामला दर्ज किया है।
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आरोप है कि एमआरपी के लेबल को टेंपर करके महंगे दाम में सैनिटाइजर की आपूर्ति की गई। इसके साथ ही वैध लाइसेंस के बिना ही सैनिटाइजर की आपूर्ति के भी आरोप लगे हैं। एडीजी विजिलेंस अनुराग गर्ग ने बताया कि मामले की जांच ब्यूरो की विशेष जांच इकाई द्वारा की जाएगी। गौरतलब है कि सैनिटाइजर की सप्लाई करने के लिए ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत लाइसेंस लेना आवश्यक होता है। विजिलेंस ने यह एफआईआर सचिवालय से मिली प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद की है।
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सूत्रों के अनुसार विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज करने के साथ ही सैनिटाइजर, हैंड वॉश और अन्य सामग्री की खरीद से जुड़े दस्तावेज भी सचिवालय प्रशासन से बुधवार को कब्जे में ले लिए। माना जा रहा है कि मामले में सचिवालय के तत्कालीन सेक्शन अफसर, सुपरिंटेंडेंट, और एक बाबू पर भी गाज गिर सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि विभागीय जांच में इन सभी की भूमिका संदेह के घेरे में आई थी जिसके बाद सभी को दूसरी शाखाओं में स्थानांतरित कर दिया गया था।
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