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विधानसभा सत्र: ग्रामसभाएं बनाती हैं बीपीएल सूची, गलत प्रविष्टि पर कर सकते हैं एसडीएम से शिकायत
Wed, 15 Mar 2023 06:04 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 15 Mar 2023 06:04 PM IST
सार
एसडीएम के फैसले से शिकायतकर्ता संतुष्ट न हो तो अगली अपील उपायुक्त के पास की जा सकती है। हर पंचायत में चयनित किए जाने वाले परिवारों की संख्या निश्चित होती है। रिक्तियां हों तो ये ग्राम सभा की ओर से ही भरी जाती हैं।
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पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि ग्राम सभा में गलत चयन पर एसडीएम के समक्ष एक महीने में शिकायत दायर होती है। एसडीएम के फैसले से शिकायतकर्ता संतुष्ट न हो तो अगली अपील उपायुक्त के पास की जा सकती है। हर पंचायत में चयनित किए जाने वाले परिवारों की संख्या निश्चित होती है। रिक्तियां हों तो ये ग्राम सभा की ओर से ही भरी जाती हैं। मंत्री ने बुधवार को यह जानकारी कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के लिखित जवाब में दी। उन्होंने पूछा था कि गलत प्रविष्टियों को इस सूची से हटाने के लिए किस तरह कदम उठाए जाते हैं।
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मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार बीपीएल सूची में नाम शामिल करने या हटाने का अधिकार ग्राम सभाओं को है। इसकी हर साल समीक्षा की जाती है। देखा जाता है कि अपात्र परिवार कौन से हैं और उनके नाम हटाए जाते हैं। पात्र परिवारों के नाम इसमें जुड़ जाते हैं। जहां तक राज्य सरकार की बात है तो बीपीएल सूची में नाम शामिल करने के लिए दिए दिशा-निर्देशों को सुनिश्चित करना होता है। सरकार ने इस संबंध में विस्तृत अधिसूचना जारी की है।
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कहा कि बीपीएल परिवारों के चयन के लिए पंचायत सचिव, पटवारी या राजस्व विभाग के प्रतिनिधि और पंचायतीराज विभाग के एक प्रतिनिधि या सरकारी कर्मचारी जिन्हें बीडीओ नामित करते हैं, उन्हें शामिल किया जाता है। पात्रों को राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार सूची में शामिल किया जाता है। इसे ग्राम सभा में प्रस्तुत किया जाता है। ग्रामसभा अंतिम निर्णय लेती है। इसमें भारत सरकार के निर्देशों की पालना करनी होती है। संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को आवेदनों की जांच के लिए अधिकृत किया गया है। चयन पर कोई शिकायत हो या आरोप लगाए गए हों तो एसडीएम पंचायत को ऐसे ही किसी भी अपात्र परिवार के नाम को बीपीएल सूची से हटाने का आदेश जारी कर सकते हैं।
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संसाधनों की उपलब्धता पर शुरू होंगी बस सेवाएं : मुकेश
शिमला। चुराह विधानसभा क्षेत्र में परिवहन निगम में संसाधनों की उपलब्धता पर बस सेवा शुरू करने का विचार है। यह जानकारी चुराह के भाजपा विधायक हंसराज के सवाल के लिखित जवाब में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने दी। हंसराज ने पूछा कि चुराह हलके के अंतर्गत सरकार बैरागढ़-भंजराडू़ से दिल्ली, सिदरूणी से सुखधार वाया बरोटी चंबा, सन्वाल से हरिद्वार और कोहाल से भंजराडू़ बस सेवाएं शुरू करने का विचार रखती है। ब्यूरो
गो अभ्यारण्य लुथान में अब तक 907 गोवंश की मृत्यु
शिमला। गो अभ्यारण्य लुथान के शुरू होने से समय-समय पर इसमें 1064 बेसहारा गोवंश को आश्रय दिया गया है। वर्तमान में इसमें 136 गोवंश आश्रित हैं। शुरू से अभी तक यहां 907 गोवंश की मृत्यु हुई है। शेष 21 गोवंश को विभिन्न लोगों ने अपनाया है। अभ्यारण्य के निर्माण में 3,47,40,936 रुपये खर्च किए गए हैं। इसका निर्माण कार्य वन विभाग के वन मंडल देहरा ने किया है। ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन के सवाल पर कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने लिखित में यह जानकारी दी। ब्यूरो