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बच्चों से लेकर बुजुर्गों को दर्द दे रही दांत की बीमारी

Mon, 07 Mar 2016 12:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 07 Mar 2016 12:14 PM IST
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useful tips regarding dental problem.
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों के दांतों के लिए मीठी चीजें खतरनाक साबित हो सकती है। - फोटो : .

अगर आपको दांतों की समस्या है तो समय रहते सावधान हो जाएं। आने वाले समय में दिक्कत बढ़ सकती है। सूबे में बच्चों से लेकर बड़ों में दांत सड़न रोग करीब 80 से 90 फीसदी है। यह काफी गंभीर स्थिति है। 80 से 85 फीसदी लोगों में मसूड़ों की समस्या है।

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अगर समय रहते उपचार नहीं किया तो समस्या गंभीर हो सकती है। यह कहना है दंत चिकित्सक डॉ. विनय भारद्वाज का। कहा कि जहां भी शिविर लगाए गए वहां अधिकतर लोगों में दांत सड़न रोग पाया गया। आमतौर पर देखा गया है कि बच्चों में इस तरह की काफी समस्या देखने को मिलती है। ज्यादातर बच्चे चॉकलेट व मीठी चीजों को काफी पसंद करते हैं। उन्हें पता नहीं होता कि यही चीजें उनके दांतों के लिए काफी खतरनाक हैं।
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खाना खाने के बाद दांतों में खाने का चिपका रहना भी दांतों की सड़न के लिए मददगार है। इससे जहां बच्चे तथा बड़ों में मसूड़ों संबंधी समस्या उत्पन्न होती है। उधर पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भारद्वाज ने बताया कि लोगों को समय रहते उपचार करवा लेना चाहिए।
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दांत बचाने हैं तो मीठी चीजों से करें परहेज
दंत चिकित्सा महाविद्यालय में रविवार को नेशनल डेंटिस्ट डे मनाया गया। कस्तूरबा बाल आश्रम में दंत चिकित्सा शिविर लगाया गया। अध्यक्षता पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग के सह आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भारद्वाज ने की। शिविर में आश्रम में रह रहे कुल 31 बच्चों की जांच की गई। जबकि जांच के दौरान बच्चों को दांतों की सड़न से बचने के लिए टॉफी, चॉकलेट तथा अन्य मीठी चीजों से परहेज रखने की डॉक्टरों ने सलाह दी।

इस दौरान बच्चों को मुफ्त टूथ-पेस्ट और दांतों संबंधी समस्या से बचने के लिए किताबें भी बांटी गई। वही आश्रम में शिविर को लगाने के लिए दंत चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरपी लुथरा का आश्रम के लोगों ने आभार जताया। शिविर में प्रशिक्षु चिकित्सक प्रियंका, ज्योत्सना, अपूर्वा, इंदू, अविदा मौजूद रहीं।


यह न करें अभिभावक
आमतौर पर देखा गया है कि ज्यादातर अभिभावक अपने बच्चे को सुलाने के लिए उनके मुंह में दूध की बोतल रख देते हैं। यह बच्चे के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। इससे बच्चे को दांतों का क्षय रोग हो सकता है।- डॉ. विनय भारद्वाज, डेंटिस्ट

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