फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   used syringes sold in IGMC Shimla.

खौफनाक खेल, बिक रही जानलेवा सिरिंज

Sun, 28 Sep 2014 11:45 PM IST
Updated Sun, 28 Sep 2014 11:45 PM IST
विज्ञापन
used syringes sold in IGMC Shimla.

प्रदेश के सबसे बड़े इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में इस्तेमाल की गई सिरिंज को दोबारा बेचने के खौफनाक खेल का खुलासा हुआ है। दिल दहला देने वाली बात यह है कि अस्पताल परिसर में खुले टेस्ट ट्यूब काउंटर में यह गोरखधंधा पता नहीं कब से चल रहा था। शनिवार को एक मरीज की शिकायत पर सीनियर एमएस डा. रमेश की अगुवाई में एक टीम ने काउंटर में जाकर छापामारी की। दोबारा पैक कर बेची जा रही इस्तेमाल की गई सिरिंज को देखकर टीम दंग रह गई।

विज्ञापन


अस्पताल प्रबंधन ने काउंटर में पड़ा संदिग्ध सामान जब्त कर लिया है। अस्पताल प्रबंधन ने काउंटर को आउटसोर्स किया है, यहां सिर्फ टेस्ट ट्यूब बेचने की अनुमति दी है। काउंटर में इस्तेमाल की सिरिंज के अलावा सर्जिकल आइटम भी बेची जा रही थी।
विज्ञापन


मरीजों की जान से हो रहे इस खिलवाड़ के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जब्त किए सामान की लैब में जांच के बाद काउंटर चलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आईजीएमसी में मरीजों के टेस्ट ट्यूब के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े, इसलिए परिसर के अंदर ही काउंटर खोला गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुई पर लगा था खून

used syringes sold in IGMC Shimla.

शनिवार को यहां एक मरीज को खून लगी सिरिंज बेची गई। यह सिरिंज प्लास्टिक पैक में सील बंद थी। मरीज ने मामले की शिकायत सीनियर एमएस डा. रमेश से की। डा. रमेश ने एक अन्य व्यक्ति को सिरिंज लेने के लिए भेजा। दूसरे मरीज को भी खून के निशान वाली सिरिंज ही दी गई। इस पर डा. रमेश ने टीम समेत काउंटर पर छापामारी की।

मामले की कर रहे जांच: डा. रमेश
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने बताया है कि संदिग्ध सिरिंज को सील कर जांच के लिए भेज दिया है। बीते करीब चार साल से काउंटर आउटसोर्स किया गया है। यहां सिर्फ टेस्ट ट्यूब बेचने की अनुमति दी है, लेकिन शनिवार को सर्जिकल आइटम और सिरिंज भी काउंटर में बिकती हुई पाई गईं। मामले की गंभीरता से जांच हो रही है। जांच रिपोर्ट आने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। काउंटर संचालक से पता किया जा रहा है कि वह सिरिंज कहां से लाता था।

इस्तेमाल सिरिंज के ये हैं खतरे

used syringes sold in IGMC Shimla.

-एचआईवी और एड्स के संक्रमण का खतरा
-एक से दूसरे मरीज में फैल सकती हैं बीमारियां
-यूज्ड सिरिंज से हैपेटाइटस-बी हो सकता है

फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने जांच करवाने का फसला तो लिया है लेकिन इससे आरोपियों पर कार्रवाई की जाती है या नहीं यह एक बड़ा सवाल है। अस्पताल प्रबंधन की नाक के नीचे ये खेल चल रहा था लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं थी। लाखों लोगों की जान को दांव पर लगाकर आरोपी बच नहीं सकते।

काउंटर सील नहीं, आईजीएमसी प्रबंधन पर सवाल

used syringes sold in IGMC Shimla.

आईजीएमसी अस्पताल के परिसर में मौत का सामान बेच रहे टेस्ट ट्यूब काउंटर को सील न कर प्रबंधन ने अपनी कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में ला दिया है। करीब चार साल से अफसरों की नाक तले यह काउंटर चल रहा है। रोजाना सैकड़ों मरीज काउंटर से सिरिंज सहित अन्य सामान खरीदते रहे हैं। मरीजों की जान से खिलवाड़ होने के इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिना अनुमति अस्पताल के बीचों बीच बिना अनुमति सामान बेचने के इस गोरखधंधे में कई प्रभावशाली लोगों के शामिल होने का अंदेशा भी जताया जा रहा है। दूरदराज के क्षेत्रों से अस्पताल आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए परिसर के अंदर टेस्ट ट्यूब काउंटर खोला है। सरकार का प्रयास है कि मरीजों को टेस्ट ट्यूब के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े लेकिन अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते मरीजों की जान पर बन आई है।

उधर, शनिवार को अगर इस मामले की शिकायत प्रबंधन के पास नहीं आई होती तो शायद खुलासा नहीं हो पाता। यह सवाल उठने से प्रबंधन की सक्रियता और मरीजों के प्रति जिम्मेवारी के एहसास पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है। अब देखना होगा कि इस मामले पर सरकार और स्वास्थ्य महकमा इस मामले पर क्या कार्रवाई करता है।

इन बिंदुओं पर होगी अब जांच
कहां पैक हो रही इस्तेमाल की गई सिरिंज?
सिरिंज की पैकिंग करने वाले कहां से ले रहे सप्लाई?
काउंटर के अलावा कहां-कहां हुई इन सिरिंज की सप्लाई?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed