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गोबर से बनी पूजा सामग्री का करें इस्तेमाल : भारद्वाज
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गो-सेवा सदस्य सचिव को सौंपा ज्ञापन
पूजा-पाठ सामग्री का उत्पादन बढ़ाने का किया आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सनातन संस्कृति में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में स्वदेशी नस्ल की गाय के गोबर से निर्मित पूजा-पाठ सामग्री का प्रयोग सर्वोत्तम माना जाता है। यह बात भारतीय गोवंश रक्षण संवर्द्धन परिषद के महासचिव राम ऋषि भारद्वाज ने कही।
उन्होंने लोगों से गाय के गोबर से बनी पूजा सामग्री का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है। इसके बाद उनके नेतृत्व में परिषज के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को प्रदेश गो-सेवा आयोग के सदस्य सचिव डॉ. संजीव धीमान को ज्ञापन सौंप कर हिमाचली पहाड़ी गोवंश के गोबर से निर्मित होने वाली पूजा-पाठ की सामग्री को बढ़ावा देने के लिए विशेष उपाय किए जाने का आग्रह किया। परिषद के महासचिव राम ऋषि भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल में पहाड़ी गोवंश के गोबर पर आधारित पूजा-पाठ सामग्री का उत्पादन कुछ गोशालाओं में बहुत छोटे स्तर पर किया जा रहा है। वित्तीय और तकनीकी सहायता के अभाव के कारण लगभग सभी गोशाला प्रबंधन समितियों को व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा का सामना करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान आयोग के सदस्य सचिव डॉ. संजीव धीमान ने उनकी बातों को सुना और हर संभव उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर राजेंद्र भारद्वाज, रतीराम शर्मा और अनिल सरस्वती मौजूद रहे।
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पूजा-पाठ सामग्री का उत्पादन बढ़ाने का किया आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सनातन संस्कृति में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में स्वदेशी नस्ल की गाय के गोबर से निर्मित पूजा-पाठ सामग्री का प्रयोग सर्वोत्तम माना जाता है। यह बात भारतीय गोवंश रक्षण संवर्द्धन परिषद के महासचिव राम ऋषि भारद्वाज ने कही।
उन्होंने लोगों से गाय के गोबर से बनी पूजा सामग्री का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है। इसके बाद उनके नेतृत्व में परिषज के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को प्रदेश गो-सेवा आयोग के सदस्य सचिव डॉ. संजीव धीमान को ज्ञापन सौंप कर हिमाचली पहाड़ी गोवंश के गोबर से निर्मित होने वाली पूजा-पाठ की सामग्री को बढ़ावा देने के लिए विशेष उपाय किए जाने का आग्रह किया। परिषद के महासचिव राम ऋषि भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल में पहाड़ी गोवंश के गोबर पर आधारित पूजा-पाठ सामग्री का उत्पादन कुछ गोशालाओं में बहुत छोटे स्तर पर किया जा रहा है। वित्तीय और तकनीकी सहायता के अभाव के कारण लगभग सभी गोशाला प्रबंधन समितियों को व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा का सामना करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान आयोग के सदस्य सचिव डॉ. संजीव धीमान ने उनकी बातों को सुना और हर संभव उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर राजेंद्र भारद्वाज, रतीराम शर्मा और अनिल सरस्वती मौजूद रहे।
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