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सब्जियों, फलों में ये क्या खा रहे हैं आप!

Sun, 09 Nov 2014 04:32 PM IST
Updated Sun, 09 Nov 2014 04:32 PM IST
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use of oxytocin in vegetables notice to himachal govt.

हिमाचल में 20 पैसे में मिलने वाले जानलेवा साइड इफेक्ट वाले ऑक्सीटोसिन वैक्सीन का प्रयोग खाद्य पदार्थों में बडे़ पैमाने में हो रहा है। इस घातक वैक्सीन का दुष्प्रभाव आपके घर तक रोजमर्रा के आवश्यक उत्पादों दूध, सब्जियों, फल या नॉनवेज के माध्यम से पहुंच रहा है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया जीएन सिंह ने प्रदेश ड्रग कंट्रोलर से इस घातक दवा के प्रयोग को लेकर जवाब तलब करते हुए एक माह के भीतर तीन साल का रिकॉर्ड मांगा है।

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डीसीजीआई ने स्टेट ड्रग कंट्रोलर से ऑक्सीटोसिन दवा का उत्पादन करने वाले उद्योगों का ब्योरा, इस इंजेक्शन के थोक विक्रेताओं का रिकॉर्ड, अवैध रूप से उत्पादन करने वाली फर्में, कितने सैंपल बाजार से उठाए, कितने सैंपल फेल हुए और अब तक अवैध उत्पादन में कितनी गिरफ्तारियां आदि का रिकॉर्ड तलब किया है।
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इसलिए हो रहा प्रयोग
प्रसव के लिए: आधुनिक परिवेश में प्री मेच्योर डिलीवरी के लिए इस इंजेक्शन को लगाया जाता है। यदि समय से पहले डिलीवरी की नौबत आती है तो इस इंजेक्शन के माध्यम से यह डिलीवरी हो सकती है।

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इस तरह का पड़ेगा असर

use of oxytocin in vegetables notice to himachal govt.

दूध और खाने में: ऑक्सीटोसिन हारमोन से दुधारू पशुओं से दूध की मात्रा को बढ़ाने के लिए प्रयोग होता है। वहीं, विभिन्न प्रकार की रोजमर्रा की सब्जियों को जल्दी पकाने और नॉनवेज का वजन बढ़ाने के लिए इस इंजेक्शन का प्रयोग हो रहा है।

जा सकती है जान
जोनल अस्पताल के एमओएच डॉ. उदित कुमार के मुताबिक शरीर में ऑक्सीटोसिन की जरूरत नहीं होती। अगर फिर भी इसका प्रयोग किया जाता है तो इसके साइड इफेक्ट जानलेवा हैं।

ब्रेन डैमेज
ब्लड कैंसर
लो ब्लड प्रेशर
साइलेंट हार्ट अटैक
कार्डिक एरिथीमिया
पेलविक हेमोटोमा
इंपेयरड यूट्रीन ब्लड फ्लो

बीबीएन में धड़ल्ले से उत्पादन

use of oxytocin in vegetables notice to himachal govt.

फार्मा हब के रूप में विकसित बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में ऑक्सीटोसिन का बड़े पैमाने में उत्पादन किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो गैर कानूनी ढंग से भी इसका उत्पादन किया जा रहा है। यही नहीं, जिला सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसका चोरी छिपे उत्पादन हो रहा है।

अब रखना होगा रिकॉर्ड
वर्तमान में ऑक्सीटोसिन ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1945 के तहत शेड्यूल एच में आता है। कोई भी व्यक्ति किसी भी दुकान से एक डोज महज 20 पैसे में ले सकता है। न तो लेने वाले का रिकॉर्ड होता है, न ही देने वाले का। बशर्ते, मेडिकल प्रैक्टीशनर की पर्ची हो लेकिन इसे अब शेड्यूल एक्स में लाने के प्रयास चल रहे हैं। अब बेचने वालों को ग्राहक का पूरा ब्योरा रखना होगा।

ऐसे करें पहचान
किसी सब्जी का औसतन आकार से अधिक बड़ा होना, खाद्य पदार्थ में अधिक चमक और रंगत, बदला हुआ स्वाद आदि के जरिये इसे सब्जियों में पहचाना जा सकता है।

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