{"_id":"c4e92d900775c4aca5a6bfb94b0ba896","slug":"upsc-chairman-deepak-gupta-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा पर यूपीएससी के अध्यक्ष का बड़ा बयान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा पर यूपीएससी के अध्यक्ष का बड़ा बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 19 Apr 2015 12:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में शिक्षा का मौजूदा ढांचा प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुकूल नहीं है। यह बात संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष दीपक गुप्ता की एक टिप्पणी से उजागर हुई है। गुप्ता ने कहा कि अपने कुछ महीनों के अनुभव से वह कह सकते हैं कि सामान्य विश्वविद्यालयों और तकनीकी शिक्षा में जरूरी बदलाव किए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हमारे देश में कौशल, ज्ञान और प्रतिस्पर्धा में स्तरोन्नयन किया गया है। केवल तभी हम जनसंख्या का लाभांश ले सकेंगे। नहीं तो यह दु:स्वपन ही रह जाएगा, क्योंकि समय बहुत ही संक्षिप्त है। आयोगों का कार्य अधिक कांप्लेक्स और चुनौतीपूर्ण हो गया है। विभिन्न परीक्षाओं के आवेदकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो रही है, यह बड़ी चुनौती बन रहा है।
विज्ञापन
पिछले साल सिविल सेवाएं प्रारंभिक परीक्षा के आवेदकों की संख्या 9.5 लाख थी। इसलिए ऑनलाइन परीक्षाओं की प्रणाली को अधिक विकसित और मजबूत किए जाने की जरूरत है। अपडेटिड रिक्रूटमेंट नियमों को बदलती रोजगार जरूरतों के हिसाब से बनाया जाना चाहिए।
विज्ञापन
दीपक गुप्ता ने कहा कि यह लगता है कि अधिकतर आवेदक कोर्ट जा रहे हैं। शायद यह सही नहीं है। ऐसे अदालती मामलों से डील करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। कर्नाटक लोक सेवा आयोग की तरह कोर्ट की ज्यादातर जजमेंट को वेबसाइटों पर डाउनलोड किया जाना चाहिए। आयोगों को अपने मामले अदालतों में जोरों के साथ रखने की जरूरत है।