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Shimla News: निगम की करोड़ों की संपत्तियां कंपनी को देने के फैसले पर हंगामा
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सदन में बोले पार्षद, यदि सरकार ही सभी फैसले लेगी तो हमें क्यों बिठाया है, तीन बार रद्द हो चुका था प्रस्ताव
अब मंत्रिमंडल ने पेयजल कंपनी को दे दी करोड़ों की संपत्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम की करोड़ों रुपये की संपत्तियां पेयजल कंपनी के नाम करने के सरकार के फैसले पर नगर निगम सदन में खूब हंगामा हुआ। खास बात यह रही कि कांग्रेस पार्षदों ने ही सरकार के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए।
कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा ने कहा कि नगर निगम सदन से तीन बार यह प्रस्ताव रद्द किया था। इसके बावजूद निगम की करोड़ों रुपये की संपत्तियां कंपनी को दे दी गईं। आयुक्त ने कहा कि यह मंत्रिमंडल का फैसला है। पार्षद ने कहा कि यदि मंत्रिमंडल ने ही सारे फैसले करने हैं तो हमें क्यों बिठाया है। अन्य पार्षदों ने कहा कि यदि सरकार को ही नगर निगम चलाना है तो सदन को भंग कर देना चाहिए। पार्षद नरेंद्र ठाकुर, रचना भारद्वाज समेत भाजपा पार्षदों ने भी इस पर आपत्ति जताई। कांग्रेस पार्षद कांता सुयाल ने कहा कि हम सिर्फ झाड़ू-पोछा लगाने के लिए रह गए हैं।
सिमी नंदा ने कहा कि इससे पहले वास्तुकार शाखा का पैसा भी सरकार ले गई। सदन में महापौर ने वादा किया था कि पार्षदों को लेकर सरकार के पास जाएंगे लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। पार्षद कमलेश मेहता और विशाखा मोदी ने पेयजल कंपनी के काम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कंपनी सड़क की खोदाई करने के बाद मरम्मत नहीं करती। आयुक्त ने कहा कि इस मामले में कंपनी के प्रबंध निदेशक से बात की जाएगी। पार्षद निशा ठाकुर ने न्यू शिमला में हिमुडा की सड़क किनारे की जमीन बेचे जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इससे सड़कें संकरी हो रही हैं। पार्षद सरोज ठाकुर ने वार्ड कार्यालय नहीं बनाए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई वार्डों में नगर निगम दो-दो कार्यालय बना रहा है, जबकि कुछ वार्डों में एक भी कार्यालय नहीं है। यह भेदभाव है।
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अब मंत्रिमंडल ने पेयजल कंपनी को दे दी करोड़ों की संपत्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम की करोड़ों रुपये की संपत्तियां पेयजल कंपनी के नाम करने के सरकार के फैसले पर नगर निगम सदन में खूब हंगामा हुआ। खास बात यह रही कि कांग्रेस पार्षदों ने ही सरकार के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए।
कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा ने कहा कि नगर निगम सदन से तीन बार यह प्रस्ताव रद्द किया था। इसके बावजूद निगम की करोड़ों रुपये की संपत्तियां कंपनी को दे दी गईं। आयुक्त ने कहा कि यह मंत्रिमंडल का फैसला है। पार्षद ने कहा कि यदि मंत्रिमंडल ने ही सारे फैसले करने हैं तो हमें क्यों बिठाया है। अन्य पार्षदों ने कहा कि यदि सरकार को ही नगर निगम चलाना है तो सदन को भंग कर देना चाहिए। पार्षद नरेंद्र ठाकुर, रचना भारद्वाज समेत भाजपा पार्षदों ने भी इस पर आपत्ति जताई। कांग्रेस पार्षद कांता सुयाल ने कहा कि हम सिर्फ झाड़ू-पोछा लगाने के लिए रह गए हैं।
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सिमी नंदा ने कहा कि इससे पहले वास्तुकार शाखा का पैसा भी सरकार ले गई। सदन में महापौर ने वादा किया था कि पार्षदों को लेकर सरकार के पास जाएंगे लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। पार्षद कमलेश मेहता और विशाखा मोदी ने पेयजल कंपनी के काम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कंपनी सड़क की खोदाई करने के बाद मरम्मत नहीं करती। आयुक्त ने कहा कि इस मामले में कंपनी के प्रबंध निदेशक से बात की जाएगी। पार्षद निशा ठाकुर ने न्यू शिमला में हिमुडा की सड़क किनारे की जमीन बेचे जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इससे सड़कें संकरी हो रही हैं। पार्षद सरोज ठाकुर ने वार्ड कार्यालय नहीं बनाए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई वार्डों में नगर निगम दो-दो कार्यालय बना रहा है, जबकि कुछ वार्डों में एक भी कार्यालय नहीं है। यह भेदभाव है।
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