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Shimla News: कबाड़ से तैयार किए अजूबों पर सदन में हंगामा, खर्च पर उठाए सवाल
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भाजपा पार्षद बोले, शहर में कबाड़ से हुआ निर्माण फिर कैसे आया एक करोड़ से अधिक का खर्च
बोले, जनता का पैसा दूसरे विकास कार्यों पर लगाएं
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में कबाड़ से सात अजूबे तैयार करने में नगर निगम ने 1.02 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। ऐतिहासिक रिज मैदान और मालरोड पर लगाए जा रहे इन अजूबों की लागत को लेकर अब घमासान शुरू हो गया है। इससे पहले बिना अनुमति इन्हें लगाने को लेकर भी विवाद हो चुका है।
नगर निगम सदन में भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने निगम प्रशासन से पूछा कि आखिर इन अजूबों पर कितना पैसा खर्च किया गया है। प्रशासन ने पहले खर्च का ब्योरा नहीं दिया, लेकिन जब सदन में हंगामा होने लगा तो अधिकारियों ने बताया कि 1.02 करोड़ रुपये से इनका निर्माण हुआ है। इस पर सदन में मौजूद पार्षद भी हैरान रह गए। उन्होंने सवाल उठाया कि शहर के कबाड़ से ही इनका निर्माण हुआ है या फिर सोने-चांदी से इन्हें तैयार करवाया है। भाजपा पार्षदों ने इन्हें स्थापित करने पर भी आपत्ति जताई।
महापौर ने कहा कि शहर के सौंदर्यीकरण के लिए यह अजूबे तैयार करवाए हैं। देश के अन्य शहरों में भी ऐसे काम हुए हैं। शिमला में भी मंजूरी के बाद इन्हें स्थापित कर दिया जाएगा। भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने पूछा कि लक्कड़ बाजार में वंडर पार्क कब बनेगा। आयुक्त ने कहा कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सदन में पार्षद रामरत्न वर्मा ने कंगनाधार की हिमुडा पार्किंग को संचालित करने, पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने सफाई से जुड़ी शिकायतें नहीं सुने जाने और पार्षद कमलेश मेहता ने स्मार्ट सिटी पार्किंग शुरू नहीं होने को लेकर सवाल उठाए। वहीं कल्याण धीमान ने लावारिस कुत्तों को पकड़ने का काम बंद होने पर सवाल किया।
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नगर निगम को मिले टैक्स और कूड़ा शुल्क का पैसा
पार्षद आशा शर्मा ने सवाल उठाया कि सरकार अपने सॉफ्टवेयर के माध्यम से अब कूड़े और टैक्स के बिल ले रही है। उन्होंने कहा कि यह पैसा नगर निगम को ही मिलना चाहिए। अन्य पार्षदों ने भी इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वास्तुकार शाखा की तरह इस व्यवस्था में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए कि यह राशि नगर निगम को ही मिले
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बोले, जनता का पैसा दूसरे विकास कार्यों पर लगाएं
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में कबाड़ से सात अजूबे तैयार करने में नगर निगम ने 1.02 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। ऐतिहासिक रिज मैदान और मालरोड पर लगाए जा रहे इन अजूबों की लागत को लेकर अब घमासान शुरू हो गया है। इससे पहले बिना अनुमति इन्हें लगाने को लेकर भी विवाद हो चुका है।
नगर निगम सदन में भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने निगम प्रशासन से पूछा कि आखिर इन अजूबों पर कितना पैसा खर्च किया गया है। प्रशासन ने पहले खर्च का ब्योरा नहीं दिया, लेकिन जब सदन में हंगामा होने लगा तो अधिकारियों ने बताया कि 1.02 करोड़ रुपये से इनका निर्माण हुआ है। इस पर सदन में मौजूद पार्षद भी हैरान रह गए। उन्होंने सवाल उठाया कि शहर के कबाड़ से ही इनका निर्माण हुआ है या फिर सोने-चांदी से इन्हें तैयार करवाया है। भाजपा पार्षदों ने इन्हें स्थापित करने पर भी आपत्ति जताई।
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महापौर ने कहा कि शहर के सौंदर्यीकरण के लिए यह अजूबे तैयार करवाए हैं। देश के अन्य शहरों में भी ऐसे काम हुए हैं। शिमला में भी मंजूरी के बाद इन्हें स्थापित कर दिया जाएगा। भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने पूछा कि लक्कड़ बाजार में वंडर पार्क कब बनेगा। आयुक्त ने कहा कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सदन में पार्षद रामरत्न वर्मा ने कंगनाधार की हिमुडा पार्किंग को संचालित करने, पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने सफाई से जुड़ी शिकायतें नहीं सुने जाने और पार्षद कमलेश मेहता ने स्मार्ट सिटी पार्किंग शुरू नहीं होने को लेकर सवाल उठाए। वहीं कल्याण धीमान ने लावारिस कुत्तों को पकड़ने का काम बंद होने पर सवाल किया।
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नगर निगम को मिले टैक्स और कूड़ा शुल्क का पैसा
पार्षद आशा शर्मा ने सवाल उठाया कि सरकार अपने सॉफ्टवेयर के माध्यम से अब कूड़े और टैक्स के बिल ले रही है। उन्होंने कहा कि यह पैसा नगर निगम को ही मिलना चाहिए। अन्य पार्षदों ने भी इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वास्तुकार शाखा की तरह इस व्यवस्था में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए कि यह राशि नगर निगम को ही मिले