{"_id":"6a8adc3a3cbc700851032129","slug":"university-news-shimla-shimla-news-c-19-sml1002-774734-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: फेलोशिप धारकों के लिए खुले छात्रावास के दरवाजे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: फेलोशिप धारकों के लिए खुले छात्रावास के दरवाजे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचपीयू में बदली आवास व्यवस्था, उपलब्धता के आधार पर मिलेगा एकल या साझा कमरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने पीएचडी फेलोशिप धारकों के लिए छात्रावास आवास की व्यवस्था बदल दी है। अब सभी फेलोशिप धारक शोधार्थी छात्रावास में रहने के लिए पात्र होंगे। उन्हें उपलब्धता के आधार पर एकल या साझा कमरा दिया जाएगा। नई व्यवस्था इस सत्र से से लागू की गई है।
वार्डन समिति ने बदलाव की सिफारिश की थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगले दिन नई व्यवस्था लागू कर दी। नए नियम के तहत उपलब्ध कमरों के अनुसार शोधार्थियों को छात्रावास में जगह दी जाएगी। पुरुष शोधार्थियों को पुरुष और महिला शोधार्थियों को महिला छात्रावास में कमरा मिलेगा। हालांकि सभी को अलग कमरा मिलना जरूरी नहीं होगा। उपलब्धता के अनुसार साझा कमरा भी दिया जा सकेगा। नई व्यवस्था से फेलोशिप धारक शोधार्थियों को परिसर के नजदीक रहने की सुविधा मिलेगी। इससे निजी कमरों पर निर्भरता कम होगी और शोध कार्य के लिए विभाग, पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं तक पहुंच आसान होगी। कुलसचिव ज्योति राणा ने इस संबंध में आदेश जारी किए है।
फेलोशिप धारकों के लिए अलग शुल्क
एचपीयू जेआरएफ और एसआरएफ को छोड़कर आवास भत्ता पाने वाले फेलोशिप धारकों के लिए अलग किराया तय किया गया है। पहले दो वर्षों में 3700 रुपये प्रतिमाह और इसके बाद 4200 रुपये प्रतिमाह कमरा किराया देना होगा। इसके अलावा निर्धारित अन्य छात्रावास शुल्क भी लागू रहेंगे।
विज्ञापन
-
दस्तावेज और रहने की अवधि तय
फेलोशिप धारकों को छात्रावास लेते समय शोधवृत्ति और आवास भत्ते से जुड़े दस्तावेज देने होंगे। शोधार्थी को पूर्णकालिक शोध करने का प्रमाण भी देना होगा। नौकरी, व्यवसाय या किसी अन्य पेशे में लगे शोधार्थी छात्रावास के पात्र नहीं होंगे। शोधप्रबंध जमा करने के तीन दिन में कमरा खाली करना होगा। फेलोशिप जारी रहने पर मौखिक परीक्षा तक रहने की अनुमति होगी। छात्रावास में कुल रहने की अवधि पांच वर्ष से अधिक नहीं होगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने पीएचडी फेलोशिप धारकों के लिए छात्रावास आवास की व्यवस्था बदल दी है। अब सभी फेलोशिप धारक शोधार्थी छात्रावास में रहने के लिए पात्र होंगे। उन्हें उपलब्धता के आधार पर एकल या साझा कमरा दिया जाएगा। नई व्यवस्था इस सत्र से से लागू की गई है।
वार्डन समिति ने बदलाव की सिफारिश की थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगले दिन नई व्यवस्था लागू कर दी। नए नियम के तहत उपलब्ध कमरों के अनुसार शोधार्थियों को छात्रावास में जगह दी जाएगी। पुरुष शोधार्थियों को पुरुष और महिला शोधार्थियों को महिला छात्रावास में कमरा मिलेगा। हालांकि सभी को अलग कमरा मिलना जरूरी नहीं होगा। उपलब्धता के अनुसार साझा कमरा भी दिया जा सकेगा। नई व्यवस्था से फेलोशिप धारक शोधार्थियों को परिसर के नजदीक रहने की सुविधा मिलेगी। इससे निजी कमरों पर निर्भरता कम होगी और शोध कार्य के लिए विभाग, पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं तक पहुंच आसान होगी। कुलसचिव ज्योति राणा ने इस संबंध में आदेश जारी किए है।
विज्ञापन
फेलोशिप धारकों के लिए अलग शुल्क
एचपीयू जेआरएफ और एसआरएफ को छोड़कर आवास भत्ता पाने वाले फेलोशिप धारकों के लिए अलग किराया तय किया गया है। पहले दो वर्षों में 3700 रुपये प्रतिमाह और इसके बाद 4200 रुपये प्रतिमाह कमरा किराया देना होगा। इसके अलावा निर्धारित अन्य छात्रावास शुल्क भी लागू रहेंगे।
विज्ञापन
-
दस्तावेज और रहने की अवधि तय
फेलोशिप धारकों को छात्रावास लेते समय शोधवृत्ति और आवास भत्ते से जुड़े दस्तावेज देने होंगे। शोधार्थी को पूर्णकालिक शोध करने का प्रमाण भी देना होगा। नौकरी, व्यवसाय या किसी अन्य पेशे में लगे शोधार्थी छात्रावास के पात्र नहीं होंगे। शोधप्रबंध जमा करने के तीन दिन में कमरा खाली करना होगा। फेलोशिप जारी रहने पर मौखिक परीक्षा तक रहने की अनुमति होगी। छात्रावास में कुल रहने की अवधि पांच वर्ष से अधिक नहीं होगी।