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अनोखा विरोध: अपात्र को बीपीएल में डाला तो राशन देने पहुंच गया शिकायतकर्ता
Thu, 07 Apr 2022 02:08 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, नादौन (हमीरपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, नादौन (हमीरपुर)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 07 Apr 2022 02:08 PM IST
सार
धनवान परिवारों को मिल रही बीपीएल सुविधा जब पंचायत ने अपने स्तर पर बंद नहीं की तो शिकायतकर्ता पंचायत की आम सभा के दौरान एक हजार रुपये का राशन लेकर पहुंच गया। कहा कि यह राशन उस अपात्र बीपीएल परिवार को देना चाहता है, जिस परिवार का मुखिया सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद न केवल वहां दुकान चलाता है, बल्कि उच्च दर्जे का ठेकेदार भी है।
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बीपीएल राशन कार्ड(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के विकास खंड नादौन में शहर की निकटवर्ती पंचायत कलूर में एक अपात्र व्यक्ति को मिल रही बीपीएल सुविधाओं का एक शिकायतकर्ता ने अनोखे ढंग से विरोध जताया। धनवान परिवारों को मिल रही बीपीएल सुविधा जब पंचायत ने अपने स्तर पर बंद नहीं की तो शिकायतकर्ता पंचायत की आम सभा के दौरान एक हजार रुपये का राशन लेकर पहुंच गया।
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कहा कि यह राशन उस अपात्र बीपीएल परिवार को देना चाहता है, जिस परिवार का मुखिया सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद न केवल वहां दुकान चलाता है, बल्कि उच्च दर्जे का ठेकेदार भी है। इसलिए पंचायत उस परिवार को मौके पर बुलाए और राशन भेंट किया जाए। शिकायतकर्ता राजीव कुमार ने पंचायत के अन्य लोगों से भी आग्रह किया कि वे भी इस मुहिम में योगदान दें और हर माह इस अपात्र परिवार को राशन भेंट करें।
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इस अजीबो-गरीब घटना से पंचायत बैठक में जोर-जोर के ठहाके लगे। अधिकतर ग्रामीणों ने शिकायतकर्ता का समर्थन करते हुए मामले की जांच की मांग उठाई। राजीव कुमार ने आरोप लगाया कि पंचायत में गत कई वर्षों से करीब 15 से 20 अपात्र परिवारों को बीपीएल का लाभ दिलाया जा रहा है। इस कारण जो गरीब पात्र परिवार हैं, उन्हें यह लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वह इन पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संघर्ष कर रहा है।
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शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि पंचायत ने इस संबंध में उचित कार्रवाई नहीं की तो वह इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से करेंगे और पात्र लोगों को उनका हक दिलाने के लिए आगे भी संघर्ष करते रहेंगे। उधर, पंचायत प्रधान राजेंद्र कुमार ने शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया कि आगामी ग्रामसभा की बैठक में अपात्र परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद काफी देर के बाद मामला शांत हुआ।