प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में भेजीं डीपीआर केंद्र सरकार ने की रद्द, मंत्री हैरान
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केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत भेजी गईं सभी डीपीआर रद्द कर दी हैं। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने दिल्ली जाकर जानने का प्रयास किया कि इस योजना में भेजी गईं चालू वित्त वर्ष की डीपीआर की क्या स्थिति है तो वह यह जानकर हैरान हो गए कि ये सब की सब रद्द कर दी गई हैं।
अब नई सरकार तमाम योजनाओं की सैकड़ों डीपीआर दोबारा से बनाने में जुट गई है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि वे हाल ही में केंद्र से वित्तपोषित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की स्थिति जानने दिल्ली गए थे।
उन्हें जानकर हैरानी हुई कि इस योजना में भेजी गई एक भी शेल्फ या डीपीआर केंद्र ने मंजूर नहीं की। इन्हें नियमानुसार नहीं बनाया गया था। जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। कहा कि इस योजना की शेल्फें जिला स्तर से गई हैं।
जो शेल्फें चली गई हैं, उन्हें ठीक नहीं किया जा सकता। अब नए तरीके से संशोधित डीपीआर अथवा शेल्फें बनाकर भेजी जा रही हैं। महेंद्र सिंह ने कहा कि एआईबीपी में भी हिमाचल की कोई स्कीम मंजूर नहीं की गई है।
केंद्र ने पूरे देश की जिन 99 योजनाओं को मंजूर किया, उनमें हिमाचल की एक भी योजना नहीं है। इसकी वजह है कि पूर्व सरकार इस योजना के तहत भेजी गई 149 योजनाओं को फॉलोअप करने में नाकाम रही। इनमें एक भी योजना को स्वीकृति नहीं मिली।
100 करोड़ के पाइपों की खरीद शुरू
हिमाचल की पूर्व कांग्रेस सरकार ने पाइपों की वर्ष 2017-18 में कोई खरीद नहीं की, जिससे पेयजल समेत तमाम योजनाओं की पाइपलाइन के जगहों-जगहों से टूटे होने के कारण इन्हें ठीक नहीं किया जा पा रहा है। अब वर्तमान सरकार ने 100 करोड़ रुपये के पाइपों की खरीद के आदेश दिए हैं।
आउटसोर्स पर दीं पेयजल स्कीमें, मशीनरी कर दी खराब
मंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने आउटसोर्स पर पेयजल योजनाएं दीं। प्राइवेट लोगों ने मशीनरी का ठीक से रखरखाव नहीं किया। अब बहुत सी पेयजल योजनाओं की मशीनरी खराब है। सरकार को सारी मशीनरी बदलनी होगी।