राजनीति: जयराम बोले- लोग इलाज के अभाव में जान गंवा रहे, सुक्खू सरकार केंद्र का पैसा भी खर्च नहीं कर पा रही
सुक्खू सरकार ने अपने कार्यकाल में मोदी सरकार की ओर से भेजे गए सैकड़ों करोड़ सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के वापस कर चुकी है।
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में लोग दवाइयों और बेहतर इलाज के अभाव में अपनी जान गंवा रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि सुक्खू सरकार केंद्र सरकार की ओर से निशुल्क दवा नीति के तहत भेजा गया पैसा भी नहीं खर्च कर पा रही है। सुक्खू सरकार ने अपने कार्यकाल में मोदी सरकार की ओर से भेजे गए सैकड़ों करोड़ सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के वापस कर चुकी है। जबकि इसी दवाई के लिए कभी किसी बेटी के सिर से पिता का साया उठ रहा है तो कभी एक बेटा मां के जेवर गिरवी रख रहा है, तो कभी एक मां को अपना मंगलसूत्र बेचना पड़ रहा है। पैसा होने के बाद भी सुक्खू सरकार उसे खर्च करने के बजाय प्रदेश के लोगों की जान से खिलवाड़ क्यों कर रही है? मुख्यमंत्री को अपनी मंशा भी साफ करनी चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। ऐसे समय में केंद्र सरकार हिमाचल को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भरपूर सहयोग दे रही है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार लगातार केंद्र पर हिमाचल को सहयोग न देने का आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के लिए केंद्र से प्राप्त सैकड़ों करोड़ रुपये की राशि भी खर्च न कर पाने के कारण सरकार को वापस करनी पड़ी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधानसभा में सामने आए आंकड़े सुक्खू सरकार के दावों की पोल खोलते हैं। अतारांकित प्रश्न संख्या 1777 के जवाब में सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा निःशुल्क दवा योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में 211.29 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई। इसमें से सुक्खू सरकार की ओर से केवल 165.60 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए, जबकि 45.69 करोड़ यानी लगभग एक चौथाई राशि खर्च नहीं हो पाई। जबकि प्रदेश के दूर-दराज के अस्पतालों को छोड़ दीजिए, मेडिकल कॉलेजों में भी खांसी, सर्दी और जुकाम की दवाइयां, मरहम-पट्टी, नीडल और सिरिंज का भी टोटा है। महंगी दवाइयां तो छोड़िए, लोगों को ग्लूकोज की बोतल भी ढंग से नहीं उपलब्ध हो पा रही हैं।