Union Budget: केंद्र से हिमाचल की रेल लाइनों के लिए मिल सकता है बजट, हवाई अड्डों के लिए भी बंधी आस
बद्दी-चंडीगढ़, बिलासपुर-भानुपल्ली और शिमला-कालका रेल लाइनों के लिए अतिरिक्त बजट प्रावधान हो सकता है।
विस्तार
प्रदेश को ग्रीन स्टेट बनाने के लिए विद्युत चालित बसों की खरीद के लिए भी बजट मांगा गया है। केंद्रीय बजट में समारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भानुपल्ली लेह लाइन, चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन और नंगल डैम तलवाड़ा रेल लाइन के लिए बजट जारी होने की उम्मीद है। कालका-शिमला हैरिटेज रेलवे ट्रैक के रेलवे स्टेशनों को स्तरोन्नत करने के लिए भी बजट प्रावधान की संभावना है। आम बजट में हिमाचल को हवाई कनेक्टिविटी के लिए बजट प्रावधान की उम्मीद है। देश का प्रसिद्ध पर्यटन राज्य होने के बावजूद हिमाचल में अब तक इंटरनेशनल एयरपोर्ट नहीं है जबकि यहां विदेशों से भी लाखों पर्यटक हर साल आते हैं। प्रदेश के हवाई अड्डों का विस्तार करने को जरूरत है। यहां एयरपोर्ट पर बने रनवे छोटे हैं और बड़े जहाज यहां पर नहीं उतर पाते। बड़े जहाज आने से हवाई यात्रा का किराया कम होगा।
हिमाचल में पर्यटन विकास के लिए सड़क, रेल और वायु यातायात को सुद्ध करने के लिए केंद्रीय बजट में विशेष प्रावधान की जरूरत है। राष्ट्रीय राजमार्गों, रेल लाइनों और हवाई अड्डों के रनवे के विस्तार के लिए बजट प्रावधान होना चाहिए। -गजेंद्र सिंह ठाकुर, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन हिमाचल
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एम्स, मेडिकल कॉलेजों के लिए विशेष ग्रांट की आस
1 फरवरी को पेश किए जा रहे केंद्रीय बजट से हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र को भी कई उम्मीदें हैं। एम्स बिलासपुर और राज्य के छह मेडिकल कॉलेजों के लिए भी केंद्र से विशेष ग्रांट मिल सकती है। चूंकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल प्रदेश से संबंध रखते हैं तो उनसे राज्य को विशेष आस है। पिछली बार एनडीए सरकार में जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा थे तो उन्होंने प्रदेश को एम्स की सौगात दी थी। बिलासपुर एम्स में बड़ा आधारभूत ढांचा विकसित किया जा चुका है, मगर मशीनरी और अन्य सुविधाओं की कमी है। मेडिकल कॉलेजों में भी अतिरिक्त मदद मिल सकती है।