Union Budget 2024: जगत नेगी बोले-बजट में सेब बागवानों की अनदेखी, आयात शुल्क में नहीं की बढ़ोतरी
हिमाचल के सेब बागवानों की अनदेखी की गई है। सेब के आयात शुल्क में बढ़ोतरी न करके 5000 करोड़ के सेब उद्योग को केंद्र सरकार ने संकट में डाल दिया है।
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केंद्रीय बजट में हिमाचल के सेब बागवानों की अनदेखी की गई है। सेब के आयात शुल्क में बढ़ोतरी न करके 5000 करोड़ के सेब उद्योग को केंद्र सरकार ने संकट में डाल दिया है। बीते सीजन में बाहरी देशों से अंधाधुंध सेब आयात के कारण स्टोर में सेब रखने वालों को करोड़ों का नुकसान हुआ था। यह बात बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कही। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन, तुर्कीये, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, चीन का सेब देश में पहुंचने से बागवानों को अच्छे दाम नहीं मिले। अफगानिस्तान के रास्ते ड्यूटी फ्री तरीके से ईरान का सेब भारत पहुंचा। प्रदेश के बागवान चाहते थे कि बजट में सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा हो लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
हिमाचल ही नहीं सेब पैदा करने वाले उत्तराखंड और कश्मीर को भी केंद्र की अनदेखी से नुकसान होने वाला है। केंद्र सरकार ने बड़े सहयोगी दलों को खुश करने और अपनी सरकार बचाने के लिए बजट आवंटन किया है। आंध्रप्रदेश और बिहार को करोड़ों का बजट देने का ऐलान किया गया है। जिन राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें हैं उनकी अनदेखी की गई है। इस तरह से भेदभाव करना देश के संघीय ढांचे के लिए बहुत बड़ा खतरा है। नेगी ने कहा कि हिमाचल को आपदा में बीते साल 9000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था, लेकिन एक पैसा नहीं दिया गया। बजट में जनजातीय लोगों के लिए कोई राहत का ऐलान नहीं किया गया है।
#WATCH शिमला: हिमाचल प्रदेश के मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्रीय बजट पर कहा, "यह बहुत निराशाजनक बजट है... केंद्र सरकार को सभी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बजट बनाना चाहिए था। आपदा प्रबंधन के लिए हिमाचल प्रदेश को कोई पैसा नहीं दिया गया है..." pic.twitter.com/VU0ByiNUwG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 23, 2024
बेबुनियाद आरोपों पर मानहानि का किया था मुकद्दमा
2008 में भाजपा सरकार ने चार्जशीट में मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाए थे। उसके खिलाफ रिकांगपिओ सीजीएम कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, जयराम ठाकुर सहित अन्यों के खिलाफ मानहानि का मुकद्दमा दायर किया गया था। 9 साल तक मामला पेंडिंग रहा। अब फैसला आया उसमें सिर्फ एक व्यक्ति पूर्व विधायक तेजवंत नेगी के खिलाफ नोटिस हुआ। बाकी 8 लोगों के खिलाफ मामला रद्द कर दिया गया। इसे लेकर जब उच्च न्यायालय में गया तो कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, जयराम ठाकुर सहित अन्यों लोगों को नोटिस जारी किया है।