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केंद्रीय बजट: हिमाचल के दवा उद्योग को रिसर्च और इनोवेशन प्रोग्राम का मिला सहारा

Thu, 02 Feb 2023 10:40 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, बद्दी(सोलन)/शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, बद्दी(सोलन)/शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 02 Feb 2023 10:40 AM IST
सार

भारत उद्योग संघ के हिमाचल इकाई के अध्यक्ष चिरंजीव ठाकुर ने कहा कि फार्मा के लिए इस बजट में कोई भी घोषणा नहीं हुई है। दवा उद्योग कोरोना में भी उत्पादन करते रहे और लोगों को समय पर दवाई पहुंचाते रहे। 

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केंद्रीय बजट 2023 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के दवा उद्योग को रिसर्च और इनोवेशन प्रोग्राम का ही सहारा मिला। छोटे उद्योगों को कोरोनाकाल में जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई की उम्मीद पूरी नहीं हो पाई। छोटे दवा उद्योगों को उम्मीद थी कि कोरोना काल में उन्हें जो नुकसान हुआ था, उसकी नए बजट में कुछ भरपाई होगी। कोविड के समय में कांट्रेक्ट सप्लाई न करने पर पेनल्टी वापस करने की घोषणा, ई समाधान में केवाईसी के प्रावधान का सरलीकरण, लाइसेंस के लिए डिजिटल लॉकर की घोषणा, माइक्रो इंडस्ट्री के लिए कर्ज की सीमा बढ़ाने की घोषणा और तीन करोड़ तक के टर्नओवर वाले एमएसएमई को टैक्स में राहत देने का स्वागत किया है।

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भारत उद्योग संघ के हिमाचल इकाई के अध्यक्ष चिरंजीव ठाकुर ने कहा कि फार्मा के लिए इस बजट में कोई भी घोषणा नहीं हुई है। दवा उद्योग कोरोना में भी उत्पादन करते रहे और लोगों को समय पर दवाई पहुंचाते रहे। कच्चा माल महंगा होने के बावजूद भी नुकसान उठाकर छोटे उद्योगों ने सभी आर्डर पूरे किए, लेकिन इस बजट में दवा उद्योगों को निराशा ही हाथ लगी। हिमाचल दवा निर्माता संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि दवा उद्योगों में रिसर्च और इनोवेशन के लिए बजट मुहैया कराया गया है जो अच्छी बात है लेकिन इसके अलावा दवा उद्योगों के कुछ नहीं हुआ।
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आम बजट में हिमाचल के हाथ फिलहाल खाली
केंद्र सरकार के आम बजट में हिमाचल प्रदेश के हाथ फिलहाल खाली हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए इस वार्षिक आम बजट 2023-24 में हिमाचल प्रदेश से संबंधित एक भी योजना घोषणा नहीं की है। हालांकि, केंद्र सरकार कई नई योजनाएं शुरू करने जा रहा है। सुक्खू सरकार के अपने बजट में इसी की झलक नजर आएगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय बजट में हिमाचल की अनदेखी पर नाराजगी जताई है तो वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ऐसी कई योजनाओं को गिना रहे हैं, जिनका लाभ हिमाचल को होगा।
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केंद्रीय बजट में स्पष्ट रूप से हिमाचल प्रदेश का नाम लेकर कोई भी घोषणा नहीं की गई है। हालांकि आयकर में रियायत की सीमा को पांच से बढ़ाकर सात लाख रुपये किया गया है। इसका हिमाचल प्रदेश को जरूर लाभ होगा। राज्यों को 50 वर्षीय ऋण को वर्ष 2023-24 के अंदर पूंजीगत व्यय पर खर्च करने, राज्यों को जीएसडीपी के 3.5 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे की अनुमति देने और विद्युत क्षेत्र के प्रभार को इसमें जोड़ने समेत कई योजनाओं का हिमाचल को भी लाभ होगा। इसके अलावा किसानों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों समेत तमाम वर्गों के लिए लागू योजनाओं का भी हिमाचल प्रदेश लाभ उठा सकता है। भाजपा के नेता सफाई दे रहे हैं कि इस तरह से हिमाचल प्रदेश के लिए भी कई ऐसी योजनाओं का फायदा होने वाला है, जिनका पूरे देश को लाभ होगा। इसके अलावा राज्यों के लिए टैक्स का हिस्सा भी इस बार वित्तायोग की सिफारिश से ज्याद मिलने की उम्मीद है।
 

आम बजट में समग्र विकास का ध्यान रखा गया : कश्यप

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि भारत का आम बजट अमृत काल का बजट है और पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। इस बार का बजट पूरे भारत के समग्र विकास का बजट है, चाहे वह कृषि भगवानों के लिए हो, महिला सशक्तीकरण हो या बच्चों के उद्धार का मामला हो या भारत के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की बात हो। इस बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। इस बार मिडिल क्लास के लिए सरकार ने बड़ा फायदा दिया है। इनकम टैक्स में रिबेट लिमिट को बढ़ाकर 5 से 7 लाख कर दिया गया है। साथ ही छूट की सीमा को बढ़ाकर ढाई लाख से तीन लाख कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई लाभ दिए गए हैं।

गारंटीमुक्त कर्ज की सीमा बढ़ाने और अन्य योजनाओं का भी हिमाचल का लाभ
 केंद्र सरकार ने जय किसान जैविक खेती और स्टार्टअप योजना में देश भर में किसानों को 20 लाख करोड़ रुपये के ऋण बांटने का लक्ष्य तय किया है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए गारंटी मुक्त कर्ज देने की सीमा को भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.6 लाख कर दिया है। पीएम मत्स्य पालन योजना में मछली पालन के लिए 6,000 करोड़ रुपये का प्रबंध किया जा रहा है। इसका भी प्रदेश के कृषकों को लाभ होगा।

पीएम आवास योजना का भी होगा हिमाचल को लाभ
- पीएम आवास योजना में 79 हजार करोड़ रुपये के कर्ज बटेंगे तो इसका भी हिमाचल को लाभ होगा।

हिमाचल को नहीं मिला विशेष औद्योगिक पैकेज: चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि केंद्रीय बजट से काफी उम्मीद थी। केंद्र सरकार ने हिमाचल को को नहीं मिला जम्मू-कश्मीर और देश के पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर विशेष औद्योगिक पैकेज नहीं दिया।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बागवानों, किसानों के लिए कुछ नहीं है और कि सी भी वर्ग को कोई राहत नहीं दी है। प्रदेश में नेशनल हाईवे और रेल के लिए कुछ नहीं किया।

केंद्रीय बजट निराशाजनक: अनिरुद्ध 
प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि केंद्रीय निराशाजनक रहा। ग्रामीण विकास विभाग के लिए धनराशि रखी है परंतु इसे किस पर खर्च किया जाएगा, यह जिक्र नहीं है। इसके अलावा प्रदेश में बुनियादी ढांचे और रोपवे लिए कोई बजट प्रावधान नहीं किया।

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