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कलनोग समिट्री की देखरेख के लिए कर्मी करें तैनात : हाईकोर्ट
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अदालत ने नगर निगम को दिए आदेश
कनलाेग हेरिटेज समिट्री को कोर्ट ने बताया है सरकार की संपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल हाईकोर्ट ने हेरिटेज कनलोग समिट्री की देखरेख के लिए नगर निगम शिमला को वहां पर कर्मचारी तैनात करने के आदेश जारी किए हैं। अदालत ने अपने पिछले आदेश में कहा था कि यह संपत्ति प्रदेश सरकार की है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवॉल दुआ की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में आरोप लगाए थे कि समिट्री पर अवैध तरीके से निर्माण किया जा रहा है और सालों पुराने कब्रिस्तान पर अवैध निर्माण हो रहा है। अदालत ने याचिकाकर्ता के आरोपों की पुष्टि के लिए शिमला हेरिटेज कमेटी को जांच-पड़ताल करने के आदेश दिए हैं। कमेटी ने पाया कि वहां पर 12 अवैध ढांचे और शेड का निर्माण किया है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने कनलोग समिट्री में बनाए गए अवैध ढांचों को गिराने के आदेश जारी किए थे। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद वहां पर नगर निगम शिमला ने अवैध तरीके से बनाए गए शेडों को तोड़ा जिसकी रिपोर्ट अदालत में दायर कर दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी।
पादरी ने याचिकाकर्ता के आरोपों को बताया बेबुनियाद
कनलोग समिट्री के पादरी महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि याचिकाकर्ता सैम्यूल प्रकाश की ओर से जो आरोप लगाए हैं, वह सरासर गलत हैं। इस वजह से समाज में उनकी छवि को गहरा आघात पहुंच रहा है। कनलोग समिट्री का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
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कनलाेग हेरिटेज समिट्री को कोर्ट ने बताया है सरकार की संपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल हाईकोर्ट ने हेरिटेज कनलोग समिट्री की देखरेख के लिए नगर निगम शिमला को वहां पर कर्मचारी तैनात करने के आदेश जारी किए हैं। अदालत ने अपने पिछले आदेश में कहा था कि यह संपत्ति प्रदेश सरकार की है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवॉल दुआ की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में आरोप लगाए थे कि समिट्री पर अवैध तरीके से निर्माण किया जा रहा है और सालों पुराने कब्रिस्तान पर अवैध निर्माण हो रहा है। अदालत ने याचिकाकर्ता के आरोपों की पुष्टि के लिए शिमला हेरिटेज कमेटी को जांच-पड़ताल करने के आदेश दिए हैं। कमेटी ने पाया कि वहां पर 12 अवैध ढांचे और शेड का निर्माण किया है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने कनलोग समिट्री में बनाए गए अवैध ढांचों को गिराने के आदेश जारी किए थे। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद वहां पर नगर निगम शिमला ने अवैध तरीके से बनाए गए शेडों को तोड़ा जिसकी रिपोर्ट अदालत में दायर कर दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी।
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पादरी ने याचिकाकर्ता के आरोपों को बताया बेबुनियाद
कनलोग समिट्री के पादरी महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि याचिकाकर्ता सैम्यूल प्रकाश की ओर से जो आरोप लगाए हैं, वह सरासर गलत हैं। इस वजह से समाज में उनकी छवि को गहरा आघात पहुंच रहा है। कनलोग समिट्री का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
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