Una News: मुबारिकपुर से मां चिंतपूर्णी तक सड़क के किनारे होगा सौंद्रीयकरण
एनएच किनारे इन कलाकृतियों को लगाया जाएगा। इससे श्रद्धालु हिमाचल की संस्कृति की झलक को देख पाएंगे। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन से कवायद तेज कर दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मां चिंतपूर्णी के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत प्रदेश की सांस्कृतिक कलाकृतियों से किया जाएगा। माता चिंतपूर्णी जी ट्रस्ट इसके लिए करीब 15 लाख रुपये खर्च करेगा। इस परियोजना के लिए मंदिर प्रबंधन ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। एनएच किनारे इन कलाकृतियों को लगाया जाएगा। इससे श्रद्धालु हिमाचल की संस्कृति की झलक को देख पाएंगे। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन से कवायद तेज कर दी है। प्रदेश के विभिन्न जिलों की संस्कृति से जुड़ी कलाकृतियों को सड़क मार्ग किनारे की दीवारों में उकेरा जाएगा।
मंदिर प्रबंधन एक माह में मुबारिकपुर से श्री चिंतपूर्णी जी तक ऐेसे स्थानों का चयन करेगा जहां इनको दीवारों पर उकेरा जाएगा। बता दें कि माता चिंतपूर्णी में प्रदेश ही नहीं बाहरी राज्यों और विदेशों से भी श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यात्री मुबारिकपुर से लेकर चिंतपूर्णी तक करीब 17 किलोमीटर के सफर में सड़क किनारे हिमाचल की लोक संस्कृति की झलक को देखते हुए माता चिंतपूर्णी के दरबार पहुंचेंगे। इन कलाकृतियों में प्रदेश के विभिन्न एतिहासिक स्थानों और धार्मिक स्थानों के बारे में कलाकृति और चित्रों से दर्शाया जाएगा।
इस योजना के लिए मां चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस टेंडर प्रक्रिया के पूरा होते ही कलाकृतियां बनाने का कार्य भी शुरू होगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए तीन माह का समय तय किया गया है।
अंब उपमंडल के मुबारिकपुर से माता चिंतपूर्णी मंदिर तक बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए सड़क मार्ग किनारे हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति व धार्मिक स्थलों से संबंधित कलाकृतियों को दीवारों पर उकेरा जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें करीब 15 लाख रुपये का बजट खर्च किया जाएगा।-राघव शर्मा, उपायुक्त ऊना।