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ऊना: मुकेश अग्निहोत्री बोले- लीक नहीं हुआ पर्चा, इसकी नीलामी हुई
Thu, 19 May 2022 05:59 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 19 May 2022 05:59 PM IST
सार
मुकेश ने कहा कि जयराम सरकार ने प्रदेश के दो लाख युवाओं के साथ धोखा किया है। जयराम ठाकुर सत्ता का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस की मिलीभगत के बिना यह घोटाला नहीं हो सकता।
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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच कांग्रेस के दबाव का नतीजा है। मामले में एसआईटी जांच तुरंत बंद होनी चाहिए, क्योंकि सुबूत नष्ट होने की आशंका है। कहा कि पर्चा लीक नहीं हुआ, बल्कि इसकी नीलामी हुई है। कहा कि जयराम सरकार इस घोटाले में दफन हो जाएगी। वह गुरुवार को ऊना जिला मुख्यालय अनशन पर बैठे युकां कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे थे। मुकेश ने कहा कि जयराम सरकार ने प्रदेश के दो लाख युवाओं के साथ धोखा किया है। जयराम ठाकुर सत्ता का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस की मिलीभगत के बिना यह घोटाला नहीं हो सकता।
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सीएम एफआईआर दर्ज नहीं करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कोशिश भी की। एफआईआर दर्ज हुई तो घोटाले की परतें खुलने से हिमाचल कलंकित हुआ है। कहा कि छह से आठ लाख में पर्चा 1,500 अभ्यर्थियों में बांटना अपने आप में सवाल खड़ा कर रहा है। तैयारी ग्रुप में करवाई गई। प्रदेश से बाहर जाकर कक्षाएं लगाकर पर्चा रटाया गया। जयराम सरकार के कार्यकाल में नौकरी के नाम पर दो ही चीजें हुई हैं। नौकरी के नाम पर सिर्फ सौदा या सिफारिश हुई और मेरिट का गला घोंटा गया है। हर पर्चा लीक हो रहा है। उन्होंने निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग उठाई है। युकां के डीजीपी को हटाने की मांग को लेकर उन्होंने कहा कि सभी लोग जांच के दायरे में हैं। कौन-कौन शामिल है, यह जांच होनी चाहिए। यह छोटे स्तर का काम नहीं है।
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