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उम्मीद की मशाल: 90 वर्षीय जुध्या जरूरतमंदों को मुफ्त खिला रहीं खाना
Fri, 07 Apr 2023 01:55 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, भराड़ी (बिलासपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, भराड़ी (बिलासपुर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 07 Apr 2023 01:55 PM IST
सार
जुध्या देवी कहती हैं दो बच्चे हुए, लेकिन वह जन्म के दौरान ही गुजर गए। पति ने निधन के बाद अकेले जिंदगी बसर करने लगी तो देखा कि आज सभी अपने तक सीमित हो रहे हैं। समाज में कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें खाना भी नसीब नहीं होता। ऐसे में जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाने का निर्णय लिया।
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ग्रीष्मोत्सव में जरुरतमंदों के लिए खाना बनातीं 90 वर्षीय जुध्या देवी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
आज के युग में जहां अपने ही अपनों से मुंह मोड़ लेते हैं। बिना मतलब कोई किसी का साथ देने को तैयार नहीं होता है। इन सबसे अलग आज भी कुछ लोग सेवा की भावना से अपना पैसा खर्च कर जरूरतमंद लोगों का पेट भर रहे हैं। ऐसा ही कुछ घुमारवीं में ग्रीष्मोत्सव मेले में 90 वर्षीय बुजुर्ग जुध्या देवी कर रहीं हैं।
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ग्रीष्मोत्सव में जुध्या देवी खुद खाना बनाकर जरूरतमंद लोगों को मुफ्त में भोजन करवा रही हैं। इस बुजुर्ग महिला के जज्बे को देखकर हर आने जाने वाला दंग है। जुध्या देवी घुमारवीं की ग्राम पंचायत मोरसिंघी के डिहर गांव की रहने वाली हैं। जुध्या देवी के पति बार्बर थे, जिनका निधन हो चुका है।
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जुध्या देवी कहती हैं दो बच्चे हुए, लेकिन वह जन्म के दौरान ही गुजर गए। पति ने निधन के बाद अकेले जिंदगी बसर करने लगी तो देखा कि आज सभी अपने तक सीमित हो रहे हैं। समाज में कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें खाना भी नसीब नहीं होता। ऐसे में जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाने का निर्णय लिया।
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जुध्या देवी ने बताया कि वह मोरसिंघी में होने वाले मेले में भी लंगर लगाती हैं। इसके अलावा वह अन्य कई लंगरों में सेवा करने जाती हैं। उन्होंने बताया कि वृद्धा पेंशन के रूप में जो पैसे मिलते हैं उससे चावल और दालें खरीद लाती हूं और जहां छोटे-छोटे मेले होते हैं, वहां अपनी ओर से लंगर लगा देती हूं।
कई बार यहां भोजन करने वाले थोड़ा-थोड़ा पैसा दे जाते हैं, जिससे अगले लंगर के लिए सामान खरीद लेती हूं। जुध्या देवी कहती हैं कि भूखे को अन्न और प्यासे को पानी पिलाना बहुत बड़ा पुण्य है।