हिमाचल के दो युवकों को नाइजीरिया में बनाया बंधक, शिप कंपनी में कर रहे नौकरी
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निजी शिप कंपनी में नौकरी कर रहे कांगड़ा के दो युवक नाइजीरिया में फंस गए हैं। युवकों के परिवार सांसद शांता कुमार से उन्हें छुड़ाने के लिए उनसे पालमपुर में मिले। परिवारों ने भाजपा प्रत्याशी इदुं गोस्वामी से भी मुलाकात की।
दस सितंबर को नाइजीरिया नेवी ने इनका जहाज पकड़ लिया है। यह शिप किसी निजी कंपनी का है और यह दोनों इसमें नौकरी करते हैं। जहाज में बतौर कैप्टन और एक चीफ ऑफिसर काम करते हैं।
युवकों के परिवारों को इस बात का मलाल है कि डेढ़ माह से भारत सरकार ने कुछ नहीं किया है। उन्होंने यह मामला डेढ़ माह पहले भारतीय दूतावास से उठाया है। लिहाजा, हार कर इन युवकों के परिवारों ने सांसद शांता से दिल्ली में मामला उठाने का गुहार लगाई है।
सांसद शांता से मिलने आए कैप्टन अतुल शर्मा निवासी डोडूब्रमा चौमुखा तहसील रक्कड़ के भाई अमन और चीफ ऑफिसर सुधीर निवासी रमेहड़ टंग तहसील धर्मशाला जिला कांगड़ा की पत्नी रीमा ने कहा कि अतुल और सुधीर दोनों 15 अगस्त को निजी कंपनी के जहाज में बतौर कैप्टन और चीफ ऑफिसर नाइजीरिया मुंबई से गए थे।
नाइजीरिया निजी का 2012 का है कोई मामला
लेकिन, 10 सितंबर को नाइजीरिया पुलिस ने इस जहाज को पकड़ लिया। तब से यह दोनों जहाज समेत अब नाइजीरिया नेवी की हिरासत में है। अतुल के भाई अमन और सुधीर की पत्नी रीमा देवी ने इस मामले को शांता के सामने उठाया है।
इस मामले को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और भारत सरकार से उठाएं। उन्होंने कहा कि यह दोनों पिछले दो माह से नाइजीरिया जहाज में फंसे हैं और न तो उन्हें वेतन मिल रहा है। न ही सही तरीके से खाना मिल रहा है। शांता और इंदु गोस्वामी ने इन परिवारों को भरोसा दिलाया है कि वह जल्द इस पर कावाई करेंगे।
अमन शर्मा और रीमा कुमारी ने कहा कि उन्हें पता चला है कि इस जहाज को नाइजीरिया नेवी ने इसलिए बंधक बनाया है कि इस जहाज का कोई 2012 में मामला हुआ है। उसके बाद इस निजी जहाज को कंपनी मालिक ने किसी दूसरी कंपनी को बेच दिया।
इस पर नाइजीरिया नेवी को इसकी तलाश थी। अब नाइजीरिया नेवी ने इस जहाज को पकड़ लिया है। लेकिन, बात यह है कि जब इस जहाज में स्टाफ नया है तो उन्हें क्यों पकड़ रखा है।