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Shimla News: चिट्टा तस्करी के दो बड़े गिरोहों का भंडाफोड़, दो सरगना गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ के लिए जरूरी
सबहेड
हिमाचल सहित पांच राज्यों में परोस रहे थे सफेद जहर, रोहड़ू और कोटखाई में बरामद चिट्टे के मामले में स्पेशल सेल की कार्रवाई
क्रॉसर
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और चंडीगढ़ फैला था नेटवर्क
रोहड़ू में 9, कोटखाई में बरामद किया था 64 ग्राम चिट्टा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पुलिस ने हिमाचल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और चंडीगढ़ तक फैले अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज (अब तक हुई जांच) के आधार पर कई राज्यों में कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो सरगना गिरफ्तार किए हैं। अभी इन मामलों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पहला मामला पुलिस थाना रोहड़ू का है। 15 मार्च 2026 को गश्त के दौरान पुलिस ने सार्थक सूद (29) निवासी रोहड़ू को 9 ग्राम चिट्टे (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों और यूपीआई लेनदेन का विश्लेषण किया। इसमें अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस पर उत्तर प्रदेश से अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से पता चला कि अमित राजस्थान के चूरू निवासी वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया के साथ मिलकर संगठित तरीके से चिट्टा तस्करी का नेटवर्क चला रहा था।
पुलिस ने 15 जुलाई को वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि 15 मार्च को बरामद 9 ग्राम चिट्टा की आपूर्ति के बदले वासु के बैंक खाते में 18 हजार रुपये जमा हुए थे। वित्तीय जांच में पता चला कि सह-आरोपी अमित गुप्ता ने उसके खाते में करीब 3.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए हैं। छह माह में वासु के खाते में 14 लाख से अधिक की राशि जमा हुई जबकि उसके पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं मिला। इस मामले में अभी तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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दूसरा मामला पुलिस थाना कोटखाई का है। 3 जुलाई 2026 को हुल्ली क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक वाहन से 64 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। इस मामले में रक्षित चौहान, राहुल शर्मा और लवली शर्मा को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पता चला कि बरामद चिट्टा राहुल शर्मा ने मोहाली निवासी अमित महेव से खरीदा था। आरोपी अमित लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था और मोबाइल भी बंद रखा था। शिमला पुलिस की विशेष टीम ने सूचना के आधार पर आरोपी अमित महेव का ठिकाना तलाश कर 18 जुलाई को उसे पंजाब के मोहाली से गिरफ्तार किया। शिमला पुलिस का कहना है कि उसका लक्ष्य केवल मादक पदार्थों की बरामदगी नहीं है बल्कि पूरे संगठित ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करना और नशा तस्करी से अर्जित अवैध आर्थिक तंत्र पर प्रभावी प्रहार करना है। पुलिस इस मामले में भी हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।
अब तक 58 तस्कर गिरफ्तार, 48 नेटवर्क ध्वस्त
पुलिस ने अब तक 58 मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 48 प्रमुख अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क ध्वस्त किए हैं। पुलिस ने साफ किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान आगे भी सख्ती के साथ जारी रहेगा। बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर दूसरे राज्यों में बैठकर नशा तस्करी का नेटवर्क चलाने वालों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है।
कोट
जिला पुलिस ने दो मामलों में अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी के नेटवर्क का खुलासा किया है। इसमें पंजाब और मोहाली से दो सरगना गिरफ्तार किए हैं। पुलिस का मकसद युवाओं को नशे के दलदल से बचाना है जिसके लिए नशा तस्करी के नेटवर्कों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नशे से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त किया जा रहा है।
-मेहर पंवार, एसएसपी शिमला
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हिमाचल सहित पांच राज्यों में परोस रहे थे सफेद जहर, रोहड़ू और कोटखाई में बरामद चिट्टे के मामले में स्पेशल सेल की कार्रवाई
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उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और चंडीगढ़ फैला था नेटवर्क
रोहड़ू में 9, कोटखाई में बरामद किया था 64 ग्राम चिट्टा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पुलिस ने हिमाचल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और चंडीगढ़ तक फैले अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज (अब तक हुई जांच) के आधार पर कई राज्यों में कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो सरगना गिरफ्तार किए हैं। अभी इन मामलों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पहला मामला पुलिस थाना रोहड़ू का है। 15 मार्च 2026 को गश्त के दौरान पुलिस ने सार्थक सूद (29) निवासी रोहड़ू को 9 ग्राम चिट्टे (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों और यूपीआई लेनदेन का विश्लेषण किया। इसमें अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस पर उत्तर प्रदेश से अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से पता चला कि अमित राजस्थान के चूरू निवासी वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया के साथ मिलकर संगठित तरीके से चिट्टा तस्करी का नेटवर्क चला रहा था।
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पुलिस ने 15 जुलाई को वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि 15 मार्च को बरामद 9 ग्राम चिट्टा की आपूर्ति के बदले वासु के बैंक खाते में 18 हजार रुपये जमा हुए थे। वित्तीय जांच में पता चला कि सह-आरोपी अमित गुप्ता ने उसके खाते में करीब 3.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए हैं। छह माह में वासु के खाते में 14 लाख से अधिक की राशि जमा हुई जबकि उसके पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं मिला। इस मामले में अभी तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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दूसरा मामला पुलिस थाना कोटखाई का है। 3 जुलाई 2026 को हुल्ली क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक वाहन से 64 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। इस मामले में रक्षित चौहान, राहुल शर्मा और लवली शर्मा को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पता चला कि बरामद चिट्टा राहुल शर्मा ने मोहाली निवासी अमित महेव से खरीदा था। आरोपी अमित लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था और मोबाइल भी बंद रखा था। शिमला पुलिस की विशेष टीम ने सूचना के आधार पर आरोपी अमित महेव का ठिकाना तलाश कर 18 जुलाई को उसे पंजाब के मोहाली से गिरफ्तार किया। शिमला पुलिस का कहना है कि उसका लक्ष्य केवल मादक पदार्थों की बरामदगी नहीं है बल्कि पूरे संगठित ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करना और नशा तस्करी से अर्जित अवैध आर्थिक तंत्र पर प्रभावी प्रहार करना है। पुलिस इस मामले में भी हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।
अब तक 58 तस्कर गिरफ्तार, 48 नेटवर्क ध्वस्त
पुलिस ने अब तक 58 मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 48 प्रमुख अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क ध्वस्त किए हैं। पुलिस ने साफ किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान आगे भी सख्ती के साथ जारी रहेगा। बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर दूसरे राज्यों में बैठकर नशा तस्करी का नेटवर्क चलाने वालों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है।
कोट
जिला पुलिस ने दो मामलों में अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी के नेटवर्क का खुलासा किया है। इसमें पंजाब और मोहाली से दो सरगना गिरफ्तार किए हैं। पुलिस का मकसद युवाओं को नशे के दलदल से बचाना है जिसके लिए नशा तस्करी के नेटवर्कों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नशे से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त किया जा रहा है।
-मेहर पंवार, एसएसपी शिमला