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शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पंजाब से पकड़े दो बड़े चिट्टा तस्कर, ननखड़ी का फौजी अमृतसर से गिरफ्तार

Sat, 07 Nov 2026 03:13 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 07 Nov 2026 03:13 PM IST
सार

 चिट्टा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में पंजाब से दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। 

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Two major 'chitta  suppliers nabbed in Punjab; Balbir from Nankhari arrested in Amritsar.
पंजाब से पकड़े दो बड़े चिट्टा तस्कर। - फोटो : संवाद

विस्तार

शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में पंजाब से दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। इनमें ननखड़ी क्षेत्र का बलबीर सिंह उर्फ फौजी भी शामिल है, जिसे पुलिस ने अमृतसर से गिरफ्तार किया। आरोपी नेपाल भागने की तैयारी में था और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपने पुराने मोबाइल नंबर बंद कर दिए थे तथा ठिकाने भी बदल लिए थे। दूसरे मामले में पुलिस ने लुधियाना से गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा उर्फ गोपी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों तक पुलिस बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर जांच करते हुए पहुंची। शनिवार को एएसपी शिमला मेहर पंवार ने पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। पहले मामले में 27 अक्तूबर को शिमला पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शोघी बैरियर पर एक टैक्सी की तलाशी ली थी। इस दौरान टैक्सी में सवार अमृतसर निवासी रेशम सिंह (34) के कब्जे से करीब 257 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई थी। जांच के दौरान सामने आया कि यह खेप ननखड़ी निवासी बलबीर सिंह उर्फ फौजी को सप्लाई की जानी थी। इसके बाद पुलिस ने मुख्य सप्लायर की तलाश शुरू की।

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बलबीर क्षेत्र में चिट्टे का बड़ा सप्लायर
पुलिस के अनुसार बलबीर क्षेत्र में चिट्टे का बड़ा सप्लायर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। टीम पिछले एक सप्ताह से उसकी तलाश में जुटी थी। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल नंबर बंद कर दिए थे और अपने ठिकाने बदल लिए थे। पुलिस ने ननखड़ी क्षेत्र में कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। बाद में उसके अमृतसर में होने की सूचना मिली, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने पांच नवंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था।

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पहले भी छह आपराधिक मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार 52 वर्षीय बलबीर सिंह के खिलाफ पहले भी छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें आबकारी अधिनियम के दो और एनडीपीएस एक्ट के चार मामले शामिल हैं। वर्ष 2019 में ननखड़ी थाने में दर्ज मामले में उसके कब्जे से 380 ग्राम चरस और 29.37 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। वहीं, वर्ष 2023 में कोटखाई थाने में दर्ज मामले में 107.93 ग्राम चिट्टा, जबकि वेस्ट शिमला थाने में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में 150.05 ग्राम अफीम और 41.810 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2020 में कुमारसैन थाने में आबकारी अधिनियम के तहत दो मामले दर्ज हुए थे।

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50 ग्राम चिट्टे के मामले में लुधियाना तक पहुंची पुलिस
दूसरे मामले में 27 सितंबर को ठियोग उपमंडल की डिटेक्शन सेल टीम ने गुम्मा में तीन आरोपियों रूपेश, शिवम वर्मा और लालू कुमार उर्फ कृष्णा से करीब 50 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज स्थापित किया। जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी लुधियाना निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा उर्फ गोपी (35) से चिट्टा खरीदकर हिमाचल में बेचने के लिए लाए थे। इसके बाद पुलिस ने सप्लाई के मुख्य स्रोत की तलाश शुरू की और पांच नवंबर को गुरप्रीत सिंह को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पंजाब में पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2013 का अपहरण और बहला-फुसलाकर ले जाने से संबंधित मामला तथा वर्ष 2022 और 2026 के एनडीपीएस एक्ट के मामले शामिल हैं। वर्ष 2022 के मामले में 2 किलो 415 ग्राम और वर्ष 2026 के मामले में 230 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी।

2026 में 94 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
शिमला पुलिस के अनुसार नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में अब केवल नशे की खेप बरामद करने और स्थानीय तस्करों को पकड़ने तक सीमित न रहकर सप्लाई के मुख्य स्रोतों तक पहुंचने पर जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक 94 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्ष 2025 में यह संख्या आठ और वर्ष 2024 में 15 थी। इसी तरह वर्ष 2026 में अब तक 69 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं, जबकि वर्ष 2024 और 2025 में ऐसे चार नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। पुलिस का कहना है कि बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर की जा रही कार्रवाई का उद्देश्य नशे की सप्लाई चेन को तोड़ना और इसमें शामिल मुख्य सप्लायरों को कानून के दायरे में लाना है।

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