प्रशासनिक ट्रिब्यूनल सदस्य बनने के लिए दो और आईएएस बेताब
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हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के दो सदस्यों की नियुक्ति का मामला अब रोचक हो गया है। हिमाचल काडर के दो दिग्गज आईएएस अधिकारियों ने सदस्य बनने के लिए आवेदन कर दिया है। केंद्रीय सचिव व हिमाचल काडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तरुण श्रीधर और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्रीकांत बाल्दी के आवेदन से अब सदस्य पद की पहले से दावेदारी कर रहे कई पूर्व व वर्तमान अधिकारियों के लिए चुनौती बढ़ गई है।
27 जनवरी तक आवेदन मांगे गए हैं लेकिन शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी, ऐसे में आवेदन के लिए अब सिर्फ दो दिन रह गए हैं। दरअसल, सदस्यों के चुनाव के लिए हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने पिछली बैठक में आवेदन के लिए मियाद बढ़ा दी थी। इसके बाद 27 जनवरी तक आवेदन मांगे गए थे।
उस समय तक हिमाचल काडर की आईएएस मनीषा नंदा, पूर्व मुख्य सचिव विनीत चौधरी, पूर्व आईएएस पीसी धीमान, वरिष्ठ आईएएस वीसी फारका, रिटायर्ड आईएफएस शमशेर नेगी समेत तीन दर्जन से ज्यादा कद्दावर अधिकारियों ने पद के लिए आवेदन किया था। पिछली बैठक में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली कमेटी ने और आवेदन मांगने के लिए आदेश जारी कर दिए। सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों श्रीधर और बाल्दी ने भी सदस्य बनने के लिए आवेदन कर दिया है।
चूंकि श्रीधर और बाल्दी दोनों ही कद्दावर अधिकारियों में माने जाते हैं, ऐसे में अन्य दावेदारों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। सूत्रों का कहना है कि इस महीने के अंत तक कमेटी की बैठक हो सकती है जिसमें नए सदस्यों के नामों पर फैसला हो सकता है। बता दें कि पहले हरिंद्र हीरा और प्रेम कुमार ट्रिब्यूनल के सदस्य के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। लेकिन करीब डेढ़ साल से ट्रिब्यूनल के दो सदस्यों के पदों पर नियुक्ति न होने से पद खाली चल रहा है।