कारोबारी हत्याकांड मामले में आरोपी ने किया बड़ा खुलासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के ऊना जिले के गगरेट के बहुचर्चित कश्मीर हत्याकांड मामले का आखिर पर्दाफाश हो ही गया। प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी विशाल कारोबारी कश्मीर के अच्छे कारोबार को देखकर ईर्ष्या रखता था और कश्मीर सिंह के कारोबार पर कब्जा करना चाहता था। इसी इरादे से आरोपी विशाल बंसल ने अपने साथियों के साथ कारोबारी कश्मीर की हत्या करने की साजिश रची। इतना ही नहीं आरोपियों के निशाने पर और कई नामी कारोबारी भी थे।
इनमें एक नामी कंपनी की महिला कर्मचारी भी शामिल थीं, जो रोजाना लाखों का कैश लेकर बैंक जाती थी। आरोपियों की नजर उक्त युवती के पैसे पर थी। पुलिस ने मामले की पूरी तरह से गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने हत्या में प्रयोग किया गया एक हथौड़ा, तार सहित अन्य दस्तावेजों को भी कब्जे में लेकर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है। वहीं, मामले में संलिप्त आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है।
एसपी अनुपम शर्मा ने मर्डर केस का खुलासा करते हुए कहा कि मुख्य आरोपी विशाल बंसल गगरेट में ट्रांसपोर्ट का कार्य करता था। बंसल ने लोन लेकर दो ट्रक और दो टिप्पर खरीदे थे। इनकी देखरेख का जिम्मा होशियापुर निवासी अमरिंद्र सिंह और युवराज पर था। लोन की किस्तें अदा करने में विशाल काफी परेशान रहने लगा। इसके बाद विशाल ने गगरेट के व्यापारी कश्मीर को लूटने की योजना बनाई।
पुलिस को इस आधार पर हुआ शक
25 मार्च की रात कारोबारी कश्मीर सिंह जब दुकान बंद कर वापस घर लौट रहे थे, तो विशाल बंसल और उसके साथियों ने कश्मीर सिंह का गाड़ी में अपहरण कर उनकी निर्मम हत्या कर शव सड़क किनारे फेंक कर गाड़ी लेकर फरार हो गए। एसपी ने बताया कि मामले का जिम्मा एसआईटी को सौंपा गया था, जिसकी अगुवाई जिला पुलिस निरीक्षक जगदीश चंद ने की।
टीम ने घटना स्थल सहित आस-पास की लोकेशन ट्रेस की, जिस पर पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान पाया गया कि क्षेत्र में काम करने वाले अमरिंद्र और युवराज हत्या के दिन से क्षेत्र से गायब हैं। पुलिस ने शक के आधार पर दोनों को होशियापुर से काबू किया और अदालत में पेश पुलिस रिमांड पर लिया।
रिमांड के दौरान खुलासा हुआ कि कश्मीर हत्याकांड में मुख्य आरोपी विशाल बंसल है, जिसने इस वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद पुलिस ने विशाल बंसल की तलाश शुरू कर दी, लेकिन विशाल बंसल ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई थी।
न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के बाद विशाल बंसल ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई, लेकिन कोर्ट ने आरोपी को सरेंडर करने को कहा। आत्मसमर्पण करने के बाद हाईकोर्ट ने विशाल बंसल को कैथू जेल भेज दिया, जहां से गगरेट पुलिस ने हिरासत में लेकर उसे रिमांड पर लिया है।
इन्होंने निभाई अहम भूमिका
डीआईजी जगदीश चंद की अगुवाई में एसआईटी टीम के हाशिम अली, गगरेट के एसएचओ गौरव भारद्वाज, अशोक राणा, करनैल सिंह सहित टीम में शामिल कुल आठ सदस्यों ने केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। Published by Arvind Thakur