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सीएम वीरभद्र के रास्ते में फिर रोड़े डाल सकते हैं मनकोटिया

Fri, 07 Jul 2017 02:10 PM IST
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 07 Jul 2017 02:10 PM IST
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Tug of war between vijay singh mankotia and cm virbhadra singh
मेजर विजय सिंह मनकोटिया - फोटो : File Photo

मेजर विजय सिंह मनकोटिया को प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष पद से हटाने के बाद कांग्रेस की सियासत फिर गर्म हो गई है। इस झटके के बाद आक्रामक स्वभाव के कांग्रेस नेता मनकोटिया चुप बैठने वाले नहीं हैं।

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वे सीएम के रास्ते में दोबारा रोडे़ डाल सकते हैं। एक दशक पहले उन्होंने विधायक रहते भी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ बहुचर्चित सीडी मामला उठाकर गंभीर आरोप लगाए थे।
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बाद में उन्होंने वीरभद्र सिंह से कुछ शर्तों के साथ समझौता कर लिया था। कुर्सी छिनने के बाद अब वे फिर हमलावर रुख अपना सकते हैं। मनकोटिया की वीरभद्र सिंह के साथ लंबे वक्त तक तकरार रह चुकी है। यह तनातनी पूर्व वीरभद्र सरकार में ज्यादा बढ़ गई थी, जब मनकोटिया को पर्यटन मंत्री पद से हटाया गया था।
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कांग्रेस विधायक रहते मनकोटिया ने उस वक्त सीएम के खिलाफ एक ऑडियो कैसेट जारी कर इसमें उनकी आवाज बताते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। वीरभद्र सरकार में अपने बगावती रवैये के कारण मनकोटिया को मंत्री पद गंवाना पड़ा था। 

लंबे वक्त तक वीरभद्र से रह चुकी पूर्व मंत्री मनकोटिया की तकरार

Tug of war between vijay singh mankotia and cm virbhadra singh
मेजर विजय सिंह मनकोटिया - फोटो : File Photo

वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाजवादी पार्टी को ज्वाइन किया, मगर चुनाव हार गए थे। इसके पश्चात सत्ता में आई धूमल सरकार ने मनकोटिया की ओर से जारी ऑडियो कैसेट पर आधारित सीडी को आधार बनाकर सीएम वीरभद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का विजिलेंस केस दर्ज किया।

मनकोटिया भी गवाहों में शामिल थे। ठीक वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले मनकोटिया और वीरभद्र सिंह में समझौता हो गया। उनकी कांग्रेस में दोबारा एंट्री हुई और उन्हें शाहपुर से टिकट दिया गया। शाहपुर में वीरभद्र सिंह के करीबी केवल सिंह पठानिया के समर्थकों को मनकोटिया को टिकट देना रास नहीं आया।

कांग्रेस के एक खेमे का सहयोग न मिलने से वे चुनाव हार गए थे। दूसरी ओर सीएम वीरभद्र सिंह भी सीडी मामले से बरी होकर मुख्यमंत्री बन गए थे। हार के बावजूद मनकोटिया को उन्होंने प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया। पिछले काफी वक्त से वे अपने निर्वाचन क्षेत्र शाहपुर में अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एवं कांग्रेस प्रवक्ता केवल सिंह पठानिया को वीरभद्र सरकार की ओर से

ज्यादा तवज्जो देने का विरोध करते रहे। कई उद्घाटनों और अन्य कार्यक्रमों में मेजर विजय सिंह मनकोटिया को अधिक नहीं महत्व दिया गया। इस बात से भी नाराज चल रहे थे। अब मनकोटिया ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ  फिर बयानबाजी शुरू की तो उन्हें उपाध्यक्ष पद गंवाना पड़ा है। 

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