फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   tug of war between congress govt and bjp.

भाजपा के वार पर कांग्रेस का तीखा पलटवार, पढ़ें जरूर

Sat, 03 Jan 2015 09:52 AM IST
Updated Sat, 03 Jan 2015 09:52 AM IST
विज्ञापन
tug of war between congress govt and bjp.

सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स, कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया और उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा की ओर से वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल पर जारी पुस्तिका को झूठ का पुलिंदा करार दिया है। इसे लोगों को गुमराह करने का प्रयास करार दिया है।

विज्ञापन


स्टोक्स, पठानिया और अग्निहोत्री ने भाजपा की ओर से दो साल का जश्न न मनाने के सवाल पर कहा कि कांग्रेस सरकार जश्न में विश्वास नहीं रखती, बल्कि काम में विश्वास रखती है। भाजपा प्रदेश को आर्थिक बदहाली की हालत में छोड़ कर गई थी।
विज्ञापन


शुक्रवार को जारी संयुक्त वक्तव्य में तीनों मंत्रियों ने कहा कि राज्य के लोग भाजपा के नकारात्मक रवैये को जानते हैं। अब भाजपा के नेता राज्य सरकार की उपलब्धियों से विचलित हो कर सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं, इसलिए भाजपा की पुस्तिका खोखला दस्तावेज साबित हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

tug of war between congress govt and bjp.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कुशल नेतृत्व में वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालते ही कांग्रेस पार्टी के चुनावी घोषणापत्र को सरकार का नीतिगत दस्तावेज बनाया और पहले ही दिन से इस पर कार्य करना आरंभ कर दिया।

कुल मिलाकर नए साल के पहले दो दिन में जिस अंदाज में सत्ता और विपक्ष के बीच शुरुआत हुई है, उससे आने वाले समय में रिश्ते और तल्ख होने के आसार नजर आ रहे हैं।

किसी को कोई राहत देने के लिए तैयार नहीं है। एक दूसरे पर वार-पलटवार का दौर जारी है। साल के शुरू में छिड़ी सियासी लड़ाई किस करवट बैठेगी यह वक्त ही बताएगा।

कौशल विकास को 500 करोड़ का प्रावधान

tug of war between congress govt and bjp.

मंत्रियों ने सरकार की बड़ी उपलब्धियों को गिनाया है। इनमें सबसे पहले तीनों वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि सरकार युवाओं के कौशल विकास के लिए 500 करोड़ रुपये की कौशल विकास भत्ता योजना चला रही है।

कैबिनेट मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के अनुसार राज्य में सस्ते राशन की योजना मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने पिछले शासनकाल में शुरू की थी और गत यूपीए सरकार की ओर से राजीव गांधी अन्न योजना से छूट गए परिवारों के लिए खाद्यान्न उपदान योजना शुरू की है।

पीटीए शिक्षक अनुबंध पर लिए
वर्तमान सरकार ने गत दो वर्षों में ही प्रदेश के दूरदराज गांवों में 720 के लगभग नए शिक्षण संस्थान और 14 महाविद्यालय खोले हैं। राज्य में 8000 शिक्षकों को नियुक्ति दी गई या उनकी तरक्की की गई। सरकार ने पीटीए के तहत नियुक्त स्कूल अध्यापकों की अनुदान राशि को 7,500 से बढ़ाकर 10,375 रुपये किया है। उन्हें सात वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद अनुबंध पर तैनात करने का निर्णय लिया है। अपने वायदे के अनुरूप सभी पैरा अध्यापकों को नियमित किया है।

वन रक्षकों की भर्ती नियमों के अनुरूप

tug of war between congress govt and bjp.

विद्या स्टोक्स का कहना है कि वन विभाग में जो वन रक्षकों की भर्ती हुई है, उन्हें भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुरूप किया गया है तथा इसमें पूर्ण पारदर्शिता बरती गई है। जहां तक कंडक्टरों की भर्ती की बात है, तो भाजपा के नेताओं को यह मालूम होना चाहिए कि उनके समय में भी कंडक्टरों की भर्ती संबंधित विभाग की ओर से की जाती थी।

भाजपा नेताओं को याद होना चाहिए कि यह वीरभद्र सरकार ही थी, जिसने वर्ष 1984 में हिमाचल में हरे वृक्षों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। कांग्रेस सरकार ने आयातित सेब पर शुल्क बढ़ाने का मामला केंद्र सरकार से उठाया है।

प्रशासनिक ट्रिब्यूनल की बात हास्यास्पद

तीनों नेताओं ने कहा कि भाजपा की ओर से प्रशासनिक ट्रिब्यूनल की बात करना पूरी तरह हास्यास्पद है। यह भाजपा के दोहरे चेहरे को उजागर करती है। भाजपा कार्यकाल में बहुमूल्य जमीन बाहरी लोगों को कौड़ियों के भाव बेची गई। राज्य में बेहतर परिवहन सुविधा के लिए परिवहन नीति बनाई गई है और एचआरटीसी के बेड़े में इस बीच 1300 नई बसें शामिल की गईं। निगम की ओर से 15 नई मिनी बसें खरीदकर उन्हें कम किराये पर चलाया जा रहा है।

दोनों पार्टियों में जमकर तकरार

tug of war between congress govt and bjp.

नए साल पर हिमाचल सरकार और विपक्ष के बीच रिश्ते सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं। पहले दिन से ही विपक्ष ने सरकार के खिलाफ तेवर तल्ख कर दिए। विपक्ष ने सरकार के खिलाफ 24 बिंदुओं पर किताब निकालकर जंग तेज करने के संकेत दिए हैं।

अगले ही दिन सरकार के तीन मंत्रियों ने भाजपा पर वार करके उनकी धार को कमजोर करने की कोशिश की। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच संबंध और खराब होने के आसार है।

भाजपा ने पहले दिन से ही हिमाचल में कांग्रेस सरकार को अपने निशाने पर ले लिया है। सदन से लेकर सड़क तक सरकार को घेरने के लिए भाजपा कोशिश कर रही है। सरकार बनने के बाद से विधानसभा में विपक्ष की ओर से लगातार हंगामा किया जा रहा है।

किताब ने फीका किया उपलब्धियों का रंग

tug of war between congress govt and bjp.

सत्ता पक्ष को घेरने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई। साल के पहले दिन भाजपा ने 24 महीने का 24 झूठ किताब प्रकाशित करके सरकार के उपलब्धियों के रंग को फीका करने का प्रयास किया है।

इस अवधि में सरकार ने भी नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल और अनुराग ठाकुर पर शिकंजा कसने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश के मंत्रियों तक ने धूमल पर प्रहार करने के लिए कोई मौका नहीं गंवाया।

नए साल के पहले दो दिन में जिस अंदाज में सत्ता और विपक्ष के बीच शुरुआत हुई है, उससे आने वाले समय में रिश्ते और तल्ख होने के आसार नजर आ रहे हैं। किसी को कोई राहत देने के लिए तैयार नहीं है।

पढ़िए कौन क्या कहता है?

tug of war between congress govt and bjp.

हिमाचल भाजपा की ओर से शुरुआत की गई है। प्रदेश सरकार की ओर से केवल उसका जवाब दिया जा रहा है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीति का ही राज्य के भाजपा नेता विरोध कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा कहां खड़ी है।
मुकेश अग्निहोत्री, संसदीय कार्य मंत्री हिमाचल प्रदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एकमात्र मकसद है कि देश को कांग्रेस मुक्त बनाओ। उसी दिशा में प्रदेश भाजपा काम कर रही है। प्रदेश भाजपा का मिशन है हिमाचल को कांग्रेस मुक्त बनाना। आने वाले दिनों में भाजपा सरकार को एक्सपोज करने की पूरी कोशिश करेगी।
प्रेम कुमार धूमल, नेता प्रतिपक्ष हिमाचल प्रदेश

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed