राजनीति की सारी हदें लांघ गए वीरभद्र और धूमल
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सीएम वीरभद्र सिंह और पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के बीच सियासी हमले तेज हो गए हैं। इस बार जुबानी जंग ने कुछ और हदें पार कर लीं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नादौन में जनसभा में कहा कि प्रेम कुमार धूमल ने अपने दोनों कार्यकाल में मेरे विरुद्ध झूठे मामले चलाए।
लेकिन भाजपा सरकार के समय में ही दोनों मामलों से बरी हो गए। उन्होंने कहा कि वह बदले की भावना से काम नहीं करते इसलिए धूमल ने उनके साथ जो किया, उसे वे भूल चुके हैं। धूमल आज भी पुलिस जैसी भाषा का प्रयोग करते हैं।
धूमल को इसके लिए स्वर्ण पदक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई निर्दोष है तो उसे डरना नहीं चाहिए और अगर कोई दोषी है तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा।
राजनीति कर रही भाजपा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ठाकुर कौल सिंह के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रहते जीएस बाली आदि ने मिलकर चार्जशीट तैयार की थी। इसे राज्यपाल को सौंपा था। मैं तो उस समय केंद्र में मंत्री था। सत्ता में आने के बाद कार्रवाई करने का वायदा लोगों से किया था इसलिए कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देहरा और धर्मशाला को लड़ाने की सोच गलत है। पूर्व मुख्यमंत्री को पार्टी के ऊपर उठकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल को लव जिहाद के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं ऊपरी व निचले क्षेत्रों, जाति व धर्म के आधार पर राजनीति करने वाले लोग कभी कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि हम सभी पहाड़ी हैं और पूरा प्रदेश एक है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि अनुराग ठाकुर के संसदीय क्षेत्र में उन्होंने बिना भेदभाव कई बड़े संस्थान खुलवाए हैं। उन्होंने कहा कि सीयू खुलवाने में भाजपा की कोई भूमिका नहीं है।
धूमल का मुख्यमंत्री वीरभद्र पर पलटवार
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने भी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर पलटवार किया है। उन्होंने किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भाषा का नियंत्रण खो चुके हैं। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सवाल किया है कि हमीरपुर में कराए गए विकास कार्यों का श्रेय जनता पार्टी और भाजपा सरकार को दिया।
धूमल ने कहा कि हमीरपुर के विकास के बारे में मुख्यमंत्री के पास तथ्य सही नहीं हैं। हमीरपुर में डिग्री कालेज़ जब बना तब हमीरपुर पंजाब का हिस्सा था। सैनिक स्कूल और क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कालेज तब स्थापित हुये जब जनता पार्टी की सरकार थी।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान तब बना जब 1998-2003 के बीच भाजपा की सरकार थी और केन्द्र में एनडीए की सरकार थी।
धूमल ने किया विकास का दावा
हमीरपुर में बस अड्डा और मिनी सचिवालय तब बने जब भाजपा की सरकार थी। हमीरपुर का अस्पताल, नागरिक अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जनता पार्टी और भाजपा सरकार के कार्यकाल में बने।
2003 में आपने कांग्रेस की सरकार बनते ही हमीरपुर अस्पताल का दर्जा कम किया। सड़कों का जाल भाजपा के राज में बिछाया गया। हमीरपुर में मुख्य अभियंता लोक निर्माण, मुख्य अभियंता सिंचाई एवं जन-स्वास्थ्य, अरण्यपाल वर्ल्ड लाईफ, अरण्यपाल वन के कार्यालय तब आये जब भाजपा सरकार थी।
परिधि गृह का विस्तार भाजपा कार्यकाल में हुआ। भोरंज, सुजानपुर, बड़सर और नादौन के कालेजों के भवन भाजपा सरकार के कार्यकाल में बनाकर जनता को समर्पित किये।
'भाजपा के काम का श्रेय ले रहे सीएम'
अधीनस्थ चयन बोर्ड की स्थापना तथा उसके भवन का निर्माण, तकनीकी विश्वविद्यालय, उद्यान एवं वानिकी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र की स्थापना भाजपा कार्यकाल में हुई।
आईआरबी की बटालियन पहली बार भाजपा के कार्यकाल में जंगलबैरी में स्थापित की गई। धूमल ने कहा कि तीन दिन के प्रवास में जितने भी उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किये उन सब का निर्माण कार्य और उनके लिये धन का प्रावधान भाजपा सरकार ने किया था।
उन्होंने कहा कि जांच से कौन डरता है। प्रदेश की जनता जानती है। हेरा फेरियां नहीं की होती तो राजस्व रिकार्ड, शिमला गैजेटीयर क्यों जलाये जाते यह सवाल लगातार आपको कचोटते रहेंगे।