किसके लिए बोले सीएम, 'दिस इज फिट केस फॉर सीबीआई'
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धूमल परिवार की देश के कई राज्यों में संपत्ति होने संबंधी शिकायत पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा- दिस इज फिट केस फॉर सीबीआई। यदि संपत्ति कई राज्यों में फैली हो तो उसे सीबीआई ही खंगाल सकती है। इस तरह के मामले लोकायुक्त के दायरे में नहीं आते। मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष धूमल की उस चुनौती पर बोल रहे थे, जो उन्होंने हमीरपुर प्रेस वार्ता में सरकार को दी थी।
धर्मशाला में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में किए गए वायदे के अनुसार अनुबंध कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। यह मामला सरकार के विचाराधीन है। कैबिनेट विस्तार या विभागों में फेरबदल के कयायों पर मुख्यमंत्री ने यह कहकर विराम लगा दिया कि अभी ऐसी कोई संभावना नहीं है।
अनुराग क्या सब कुछ हमीरपुर ले जाएंगे
केंद्रीय विश्वविद्यालय के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सांसद अनुराग ठाकुर की शिकायत करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुराग ठाकुर सारे बड़े संस्थान अपने संसदीय क्षेत्र को नहीं ले जा सकते। केंद्रीय विवि पर राजनीति हो रही है, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री से शिकायत करनी पड़ी। वीरभद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य में कांग्रेस सरकार के समय केंद्रीय विश्वविद्यालय की घोषणा कांगड़ा के लिए की थी।
कांगड़ा जिले का मतलब जिला मुख्यालय है, कोई उपमंडल नहीं। इसलिए केंद्रीय विवि एक जगह धर्मशाला और इसके आसपास ही बनेगा। विवि बनने के बाद इसके कई और संस्थान कॉलेज खुलेंगे। वे देहरा, पालमपुर और नूरपुर में भी खुल सकते हैं। हम देहरा के खिलाफ नहीं हैं।
सीएम साहब शुक्रिया! मुझे नहीं मालूम था इतनी दौलत है मेरी
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने बुधवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री और उनके अफसरों का शुक्रिया किया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम था कि उनके परिवार के पास देश भर में इतनी संपत्तियां हैं। अब सरकार और जांच एजेंसियां लोकायुक्त के पास एफीडेविट दायर करे और कहीं भी गैरकानूनी संपत्ति मिले तो तत्काल जब्त करें।
मैं भी जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हूं। हां, अगर सरकारी जांच एजेंसियां दुष्प्रचार और चरित्र हनन करती हैं तो कानूनी पहलुओं के अध्ययन के बाद वे मानहानि का केस करेंगे। धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री सांसदों और विधायकों की शिकायत दिल्ली में कर रहे हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या कोई जनता द्वारा चुना हुआ नेता अपने क्षेत्र की आवाज तक नहीं रख सकता।
मीडिया को भी दे डाली चेतावनी
केंद्रीय विवि पर धूमल ने कहा कि इसके लिए तीन बार केंद्रीय दल ने सर्वेक्षण किया है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने देहरा में 81 हेक्टेयर से अधिक जमीन को हरी झंडी दी है और धर्मशाला में प्रस्तावित कैंपस के लिए दोबारा फाइल भेजने को कहा है। धूमल ने कहा कि जनवरी 2003 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हमीरपुर में एक रैली के दौरान उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
इस पर कैप्टन के खिलाफ कोर्ट में मानहानि का केस किया गया। लेकिन कोर्ट में आरोप साबित न होने पर 2014 में पंजाब के पूर्व सीएम ने कोर्ट में अपने बयान पर खेद प्रकट कर उनसे माफी मांगी थी। उन्होंने इसके लिए मीडिया को जिम्मेदार ठहराया था। धूमल ने मीडिया पर बोलते हुए कहा कि अब तक पूर्व में जितने भी आरोप उन पर लगे हैं, उनके खिलाफ कोर्ट में मानहानि के केस चलाए। लेकिन कहीं भी मीडिया को शामिल नहीं किया। अब अगर बिना सबूतों के दुष्प्रचार की नीति से प्रचार प्रसार होता है तो इस पर भी उन्हें सोचना पड़ेगा।