{"_id":"57eb4ad34f1c1b906c5767b3","slug":"tug-of-war-against-hpcc-chief-sukhwinder-singh-sukhu","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब युकां नेताओं का पत्र: सुक्खू पर लगाए संगीन आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब युकां नेताओं का पत्र: सुक्खू पर लगाए संगीन आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 28 Sep 2016 10:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच पीसीसी सचिवों के खुले पत्र के बाद प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में एक और पत्र बम चर्चा में आया है। प्रदेश युवा कांग्र्रेस के कई पदाधिकारियों ने मंगलवार को युकां प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह को एक खुला पत्र लिखा है, जिसमें स्पष्ट किया है कि पीसीसी में चुनाव प्रक्रिया से ही लोग आने चाहिए। पीसीसी चुनाव युकां और एनएसयूआई की तर्ज पर होने चाहिए। उन्होंने विक्रमादित्य सिंह से यह मामला कांग्रेस आलाकमान के समक्ष उठाने की मांग भी की है।
विज्ञापन
युवा कांग्र्रेस के प्रदेश महासचिव विकास काल्टा, विनोद जिंटा, विवेक कुमार, अजय कंवर, यदुपति ठाकुर, आदित्य शरद, युवा कांग्रेस के संसदीय क्षेत्र हमीरपुर के अध्यक्ष रनबीर राणा, संसदीय क्षेत्र शिमला के अध्यक्ष संजय ठाकुर, संसदीय क्षेत्र मंडी के अध्यक्ष आदित्य विक्रम और एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष करुण विक्रम की ओर से यह खुला पत्र युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह को लिखा गया है। इसकी प्रति प्रेस रूम शिमला के माध्यम से मीडिया को भी भेजी गई है।
विज्ञापन
इन पदाधिकारियों ने लिखा कि कुछ पीसीसी पदाधिकारियों ने हिमाचल सरकार और मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपमानजनक बयानबाजी की है। प्रदेश युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के चुने हुए पदाधिकारियों ने इसकी कड़ी निंदा की है। प्रदेश कांग्रेस के कुछ मनोनीत सचिव पंचायत चुनाव में अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए थे। ये दिखाता है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी किस दिशा में जा रही है।
विज्ञापन
पत्र लिखकर सुक्खू पर लगाए संगीन आरोप
जुब्बल। कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के पूर्व जिला महासचिव मियां महेंद्र सिंह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर कई सवाल खडे़ किए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में अध्यक्ष बनने के बाद सैकड़ों वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई है। मियां महेंद्र सिंह ने प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भेजे पत्र में कहा कि उनके अध्यक्ष बनने से पार्टी को इस विधानसभा क्षेत्र में बड़ी उम्मीदे थी।
इसके बावजूद जुब्बल-कोटखाई से प्रदेश कार्यकारिणी में जिन आठ लोगों को आहदे दिए गए उन्होंने पंचायती राज संस्था में भी कभी चुनाव नहीं जीता है। उन्होंने कहा कि जुब्बल कोटखाई में कांग्रेस के 1967 से सक्रिय कार्यकर्ताओं को अध्यक्ष बनने के बाद हाशिए पर रखा गया है। पार्टी में पदाधिकारियों की नियुक्ति भाई भतीजावाद से की गई है। मियां महेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार में बोर्ड निगम के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों की नियुक्ति मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र में है।
इस मामले में अध्यक्ष को छिंटाकशी करने का कोई अधिकार नहीं है। निगमों बोर्डों में कांग्रेस के सक्रिय लोगों को आहदे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के बयान व पार्टी में भाई भतीजावाद से मिशन रिपीट एक बड़ी बाधा खड़ी कर रहा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री ने निगमों बोर्डों में अध्यक्षों-उपाध्यक्षों की नियुक्ति उनकी योग्यता के आधार पर की है।
उन्होंने कहा शिमला ग्रामीण मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का चुनाव क्षेत्र है। इसलिए इस क्षेत्र से पार्टी में पदाधिकारियों की नियुक्ति का मामला मुख्यमंत्री की सलाह के बाद होना जरूरी था। मियां महेंद्र सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष को भेजा पत्र मंगलवार को मीडिया को जारी किया। पूर्व कांग्रेस महासचिव के इस पत्र ने जुब्बल कोटखाई कांग्रेस में नया विवाद खड़ा हो गया है।
सुक्खू की अंबिका सोनी से शिकायत
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता दीपक शर्मा ने पीसीसी चीफ सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ दोबारा मोर्चा खोलते हुए हिमाचल प्रभारी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी की महासचिव अंबिका सोनी से शिकायत की है। दीपक ने आरोप लगाया है कि सुक्खू पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की बी टीम के सदस्य रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कांग्रेस संगठन में पैदा किए जा रहे बिखराव के लिए सुक्खू दोषी हैं क्योंकि वे अवैध खनन, चुनाव आयोग को झूठा शपथ पत्र जैसे आरोपों से घिरे हैं।
इन मामलों से ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस संगठन का इस्तेमाल करके प्रदेश सरकार के विरुद्ध अनुशासनहीन बयानबाजी करवाकर सुक्खू वर्तमान में लोगों का ध्यान बांटने की कोशिश कर रहे हैं। दीपक ने कहा कि जग जाहिर है कि सुक्खू धूमल की बी टीम के सदस्य रहे हैं। इसका प्रमाण 2008 के चुनावों में उनकी भूमिका बारे केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक की रिपोर्ट साफ दर्शाती है।
भाजपा सांसद सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि सुक्खू ने लोकसभा चुनावों में उनकी मदद की है। जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो कौल सिंह के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ पांच साल संघर्ष किया। उस दौरान जो कांग्रेस के विधायक थे,
धूमल के मुख्यमंत्री बनने पर ब्लॉक कांग्रेस के नेतृत्व में उनका स्वागत करने के लिए सार्वजनिक तौर पर आए और कांग्रेस सदस्यों के साथ सड़कों पर स्वागत किया। दीपक ने कहा कि जो लोग भाजपा सरकार से पांच साल लड़ते रहे, कांग्रेस की सत्ता आने पर वे लोग पर्दे के पीछे धकेल दिए गए। सुक्खू का अध्यक्ष बनना ही कांग्रेस के कद को बौना कर गया।