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शहर में पौने चार घंटे देरी से शुरू हुई टारिंग
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सुबह 9 बजे से शुरू होनी थी टारिंग
ट्रैफिक डायवर्ट करने पर असमंजस से लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर की व्यस्ततम संजौली-लक्कड़ बाजार सड़क पर वीरवार को दोपहर 12:45 बजे टारिंग शुरू हो पाई। जिला प्रशासन ने सुबह 9 से शाम 7 बजे तक टारिंग के लिए समय दिया था।
टारिंग में देरी के कारण ट्रैफिक डायवर्ट करने को लेकर असमंजस के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। लोक निर्माण विभाग को भी टारिंग करवाने में दिक्कत पेश आई। सुबह 9 बजे टारिंग शुरू न होने से विक्ट्री टनल-लक्कड़ बाजार-संजौली सड़क पर ट्रैफिक सामान्य रूप से चलता रहा। 12:45 बजे जब टारिंग शुरू हुई तो सड़क पर दोनों ओर से ट्रैफिक चलने के कारण अव्यवस्था की स्थिति बन गई। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से टारिंग के चलते वन वे ट्रैफिक के निर्देश दिए थे।
दोपहर दो बजे के बाद संजौली से चलने वाली अधिकतर मुद्रिका बसें खड़ी हो गईं जिस कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। संजौली से लक्कड़ बाजार होते हुए पुराने बस अड्डे के लिए चलने वाली बसें वाया छोटा शिमला डायवर्ट करने से बस चालकों में विवाद हो गया। इसके बाद बसें खड़ी कर दी गईं। संजौली से लक्कड़ बाजार की ओर आने वाले लोगों को एचआरटीसी के टेंपो ट्रेलवर और टैक्सियों में भीड़ होने से परेशानी झेलनी पड़ी।
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संजौली-छोटा शिमला-पुराना बस स्टैंड रूट पर चलने वाली बसों में भी ओवरलोडिंग के कारण लोग परेशान हुए। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टारिंग के बाद सेटिंग के लिए कम से कम दो घंटे का समय मिलना जरूरी है। ऐसा न होने पर टारिंग की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। रात के समय तापमान कम होने से टारिंग करना संभव नहीं है।
मशीनरी और लेबर पहुंचने में हुई देरी : गुप्ता
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुधीर गुप्ता ने कहा कि पहले दिन मशीनरी, लेबर पहुंचने और शेड बनाने में देरी के कारण समय से टारिंग शुरू नहीं हो पाई। शुरुआत में ट्रैफिक भी दोनों ओर से चलता रहा जिसकी वजह से दिक्कत पेश आई। शुक्रवार से व्यवस्था बन जाएगी। संजौली से विक्ट्री टनल तक 10 दिन में टारिंग पूरी करने का लक्ष्य रखा है।
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ट्रैफिक डायवर्ट करने पर असमंजस से लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर की व्यस्ततम संजौली-लक्कड़ बाजार सड़क पर वीरवार को दोपहर 12:45 बजे टारिंग शुरू हो पाई। जिला प्रशासन ने सुबह 9 से शाम 7 बजे तक टारिंग के लिए समय दिया था।
टारिंग में देरी के कारण ट्रैफिक डायवर्ट करने को लेकर असमंजस के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। लोक निर्माण विभाग को भी टारिंग करवाने में दिक्कत पेश आई। सुबह 9 बजे टारिंग शुरू न होने से विक्ट्री टनल-लक्कड़ बाजार-संजौली सड़क पर ट्रैफिक सामान्य रूप से चलता रहा। 12:45 बजे जब टारिंग शुरू हुई तो सड़क पर दोनों ओर से ट्रैफिक चलने के कारण अव्यवस्था की स्थिति बन गई। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से टारिंग के चलते वन वे ट्रैफिक के निर्देश दिए थे।
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दोपहर दो बजे के बाद संजौली से चलने वाली अधिकतर मुद्रिका बसें खड़ी हो गईं जिस कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। संजौली से लक्कड़ बाजार होते हुए पुराने बस अड्डे के लिए चलने वाली बसें वाया छोटा शिमला डायवर्ट करने से बस चालकों में विवाद हो गया। इसके बाद बसें खड़ी कर दी गईं। संजौली से लक्कड़ बाजार की ओर आने वाले लोगों को एचआरटीसी के टेंपो ट्रेलवर और टैक्सियों में भीड़ होने से परेशानी झेलनी पड़ी।
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संजौली-छोटा शिमला-पुराना बस स्टैंड रूट पर चलने वाली बसों में भी ओवरलोडिंग के कारण लोग परेशान हुए। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टारिंग के बाद सेटिंग के लिए कम से कम दो घंटे का समय मिलना जरूरी है। ऐसा न होने पर टारिंग की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। रात के समय तापमान कम होने से टारिंग करना संभव नहीं है।
मशीनरी और लेबर पहुंचने में हुई देरी : गुप्ता
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुधीर गुप्ता ने कहा कि पहले दिन मशीनरी, लेबर पहुंचने और शेड बनाने में देरी के कारण समय से टारिंग शुरू नहीं हो पाई। शुरुआत में ट्रैफिक भी दोनों ओर से चलता रहा जिसकी वजह से दिक्कत पेश आई। शुक्रवार से व्यवस्था बन जाएगी। संजौली से विक्ट्री टनल तक 10 दिन में टारिंग पूरी करने का लक्ष्य रखा है।