मंडी-पठानकोट हाईवे पर फंसा ट्रक, नौ घंटे तक फंसे रहे सैकड़ों वाहन
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मंडी-जोगिंद्रनगर-पठानकोट एनएच पर उरला के पास एक ट्रक फंसने के कारण करीब नौ घंटे तक हाईवे बंद रहा। सामरिक महत्व वाले इस मार्ग पर रात करीब 11 बजे बंद आवाजाही को सुबह आठ बजे बहाल किया जा सका।
हाईवे बंद होने से वाहनों को वाया झटिंगरी वैकल्पिक मार्ग से भेजा गया। यह मार्ग भी जाम लगने से बंद हो गया। सेना के लिए भी सबसे अहम इस मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। इस दौरान सैकड़ों यात्री और निजी वाहन फंसे रहे।
सैलानियों समेत यात्रियों को पूरी रात वाहनों में गुजारनी पड़ी। इस दौरान पठानकोट, कांगड़ा आदि से आने वाली अहम वस्तुओं की सप्लाई भी बाधित रही। नौ घंटे मार्ग बाधित रहने से प्रशासन के चौकस होने के दावे भी हवाई निकले।
सवाल उठ रहा है कि सुबह तक आखिरकार सरकारी अमला किसका इंतजार करता रहा? मार्ग खोलने के लिए प्रशासन और एनएच ने तत्परता क्यों नहीं दिखाई। उधर, पधर के एसडीएम शिव मोहन सैणी और पुलिस अधीक्षक मदनकांत शर्मा ने कहा कि सुबह आठ बजे मार्ग बहाल किया कर दिया था।
चढ़ाई पर फंसा था सीमेंट का ट्रक
उरला की चढ़ाई पर बुधवार देर रात एक सीमेंट से लदा ट्रक जीप को पास देते समय हाईवे के बीचोंबीच फंस गया। करीब 11 बजे के आसपास की यह घटना है। पूरी रात जनता परेशान रही। सैकड़ों यात्री रास्ते में फंसे रहे, लेकिन प्रशासन आराम फरमाता रहा। गुरुवार सुबह प्रशासन ने जेसीबी मशीन से फंसे ट्रक को मार्ग के बीच से हटाया।
सब दिखे परेशान, खाने-पीने के सामान के लाले
वैकल्पिक मार्ग भी बंद हो जाने पर यात्रियों को जंगलों में रात गुजारनी पड़ी। कोटरोपी तक का इलाका जंगलों से घिरा है। इससे खाने पीने के लाले पड़ गए। लोगों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ा है। वाहन चालक भी परेशान दिखे। इस घटना के बाद एनएच पर कोटरोपी से पधर और उरला की ओर वाहनों का लंबा जाम लगा रहा है। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस यातायात बहाल करने में जुट गए थे। एनएच पर रुक-रुक कर दोपहिया वाहनों की आवाजाही जारी रही है।