भारत-पाक युद्ध विजय दिवस: शहीद स्मारक बिलासपुर में रणबांकुरों को किया याद
विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित ब्रिगेडियर जगदीश वर्मा ने कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। पूर्व सैनिकों ने 1965 के युद्ध में शहीद जवानों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
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पूर्व सैनिक कल्याण समिति हिमाचल प्रदेश ने 59वें भारत-पाक युद्ध विजय दिवस के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को शहीद स्मारक बिलासपुर में कार्यक्रम का आयोजन कर रणबांकुरों को याद किया। विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित ब्रिगेडियर जगदीश वर्मा ने कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। पूर्व सैनिकों ने 1965 के युद्ध में शहीद जवानों के लिए मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। ब्रिगेडियर जगदीश वर्मा ने कहा कि प्रदेश के 130 रणबांकुरों सहित देश के 3000 वीरों ने भारत-पाक युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी थी। युद्ध 5 अगस्त 1965 को आरंभ हुआ और 23 सितंबर 1965 को समाप्त हुआ। पाकिस्तान सेना के 33,000 सैनिक लाइन ऑफ कंट्रोल को पीछे छोड़कर भारतीय जमीन में घुस गए थे।
50 दिन के इस युद्ध में भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी सेना को लाइन ऑफ कंट्रोल से पीछे तो खदेड़ दिया, लेकिन इस युद्ध में भारतीय सेना के 3000 जवान शहीद हो गए। युद्ध में अदम्य साहस दिखाने के लिए जिला मंडी के कैप्टन प्रेम सिंह गुलेरिया, कैप्टन बालम, कांगड़ा के कैप्टन जगदीश, कैप्टन फिडू राम, ग्रुप कैप्टन विरेंदर सिंह, कर्नल रविंदर सिंह, लांस नाइक लखा सिंह, चंबा के मेजर विजय कुमार, ऊना के सूबेदार रघुनाथ सिंह और हवलदार कांशीराम को वीर चक्र से नवाजा गया था।
बिलासपुर के सिपाही सुख राम को भी मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया था। वहीं लेफ्टिनेंट जनरल आरएस को महावीर चक्र प्रदान किया गया था। नायब सूबेदार पूर्ण सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रम सिंह, लेफ्टिनेंट एसडी बानो, मेजर जनरल आरएस पठानिया, लेफ्टिनेंट कर्नल कुलदीप थापा, मेजर नित्यनं0द और लेफ्टिनेंट धर्म सिंह को सेना मेडल प्रदान किया गया गया। इस अवसर पर कैप्टन हंसराज, कैप्टन राजेश चंद, कैप्टन सीताराम, कैप्टन जय सिंह, शिव सिंह, सूबेदार नानक चंद, लच्छुराम, देशराज, रमेश चंद, सूबेदार कुलवंत सिंह पटियाल और हवलदार अमरनाथ मौजूद रहे।