अब बस 50 रुपये में होगा बवासीर का उपचार
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अब बिना आपरेशन के बवासीर के रोगियों का इलाज होगा। इसके लिए मात्र 50 रुपए खर्च होंगे। क्षार सूत्रीय पद्धति से यह इलाज संभव होगा। इस तरह का इलाज महज सरकारी आयुर्वेदिक अस्पतालों में मिलेगा। हिमाचल के सोलन और शिमला समेत कुछ अस्पतालों में यह विधि शुरू हो चुकी है।
इस विधि में एक बार इलाज के बाद करीब छह माह तक दवा का सेवन और परहेज करना होता है। उसके बाद रोग से छुटकारा मिलने का दावा किया जा रहा है। अब तक सोलन में करीब 18 लोगों का उपचार इस विधि से किया जा चुका है। रिकार्ड में उन्हें बिल्कुल स्वास्थ्य बताया जा रहा है।
बवासीर को तीन डिग्रियों में बांटा गया है। जिसमें फर्स्ट डिग्री में रक्त आता है और मस्से अंदर होते हैं। वहीं सेकेंड डिग्री में मस्से पहले बाहर आते हैं फिर अंदर हो जाते हैं। इन दोनों श्रेणी में लेजर और इंजेक्शन से इलाज संभव है जिसमें 2000 रुपए तक का खर्चा है। वहीं थर्ड डिग्री में सर्जरी होती है जिसमें 20 हजार तक का खर्चा आता है।
ऐसे होता है उपचार
आयुर्वेद में क्षार सूत्र बवासीर रोग ठीक करने के लिए प्राचीन पद्धति है। रोगी को औषधी अपामार्ग, हल्दी, स्नूही आदि जड़ी बूटियों से उपचार होता है। इसका मिश्रण बनाया जाता है। तकलीफ वाली जगह में यह लेप विशेष कपड़े की तह बनाकर रखा जाता है। यह थेरेपी एक सप्ताह तक चलती है। जिसमें रोज इस लेप को लगाना पड़ता है। फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड डिग्री में इससे इलाज संभव है।
आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन की इंचार्ज डा. अनिता गौतम ने बताया कि क्षार सूत्र विधि से बवासीर का इलाज सोलन आयुर्वेदिक अस्पताल में शुरू हो चुका है। माह में एक बार एक बैच का ही इस विधि से इलाज किया जाता है। जब 7-8 रोगी एकत्र हो जाते हैं तो ट्रीटमेंट शुरू होता है। निर्धारित दिनों में बुलाकर उन्हें आयुर्वेद की इस प्राचीन पद्धित से इलाज किया जाता है।