अनूठी रिवायत शुरू, डीजे और नाटी से नहीं अब इस तरह होगा बारात का स्वागत
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हिमाचल में होने वाली शादियों में आपने बॉलीवुड के रंग और हिमाचली नाटी की धूम अकसर देखी होगी, लेकिन शादी में बारात का स्वागत कविताओं के माध्यम से हो, ऐसा शायद पहली बार हो रहा है।
सिरमौर जिले के ददाहू में एक दिसंबर को होने वाली शादी में वधू पक्ष के लोग बारात का स्वागत कविताओं से करेंगे। शादी के शुभ अवसर पर वधू पक्ष कवि सम्मेलन का आयोजन कर नई रिवायत शुरू कर रहा है।
30 दिसंबर को ददाहू में सागर सिंह की पुत्री धनमंती का विवाह नाहन के पपलोह निवासी श्यामलाल के साथ होना तय हुआ है। एक दिसंबर को सुबह आठ बजे बारात आएगी। सायं तीन बजे विदाई की रस्म होगी।
स्वागत में होगा कवि सम्मेलन
बारात के स्वागत को वधू पक्ष ने खास बंदोबस्त किए हैं। सुबह जलपान के बाद बारात के स्वागत में कवि सम्मेलन होगा। इसका आगाज दूल्हा और दुल्हन के हाथों दीप प्रज्वलित कर किया जाएगा।
सम्मेलन में छंद और हास्य कविताएं मुख्य रूप से शामिल रहेंगी। विवाह समारोह में कवि सम्मेलन का यह पहला मामला है। ददाहू में होने वाली शादी में कवि सम्मेलन का यह पहला कांसेप्ट है।
इसके लिए बाकायदा पहले से तैयारियां की गई हैं। शादी के लिए बांटे गए निमंत्रण पत्र में बाकायदा कवि सम्मेलन के नाम के साथ कवियों के नाम भी अंकित किए गए हैं।
क्या कहते हैं परिजन
वधू के भाई अनंत आलोक का कहना है कि वे भी एक कवि हैं। अपनी शादी में कवि सम्मेलन करना चाहते थे, लेकिन जिम्मेदारियां होने के कारण सम्मेलन नहीं करवा पाए। अब सबसे छोटी बहन की शादी है।
इसमें कवि सम्मेलन करवाकर वे नई रिवायत शुरू करने जा रहे हैं। यह शादी का नया कांसेप्ट है। कई लोगों को पता भी नहीं है कि कवि सम्मेलन होता क्या है। सुबह नाश्ते के बाद दूल्हा-दुल्हन से ही इसका शुभारंभ करवाया जाएगा। इसके बाद दिनभर कवि सम्मेलन चलेगा।
ये कवि सुनाएंगे अपनी रचनाएं
शादी के शुभ अवसर पर कवि सम्मेलन में चिर आनंद, पंकज तन्हा, श्रीकांत अकेला, नासिर यूसुफजई, भुवन जोशी, मोहिंद्र, डॉ. आईडी राही, उषा सूर्यवंशी, दलीप वशिष्ठ और डॉ. प्रमोद पारिख अपनी रचनाएं सुनाएंगे।