{"_id":"6a64d4d5a5b5ecd4ac0d024a","slug":"traders-defrauded-under-the-pretext-of-online-payments-messages-received-on-phones-but-no-money-in-the-accounts-shimla-news-c-19-sml1002-759242-2026-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर कारोबारियों से ठगी, फोन पर मैसेज आए, खाते में पैसे नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर कारोबारियों से ठगी, फोन पर मैसेज आए, खाते में पैसे नहीं
विज्ञापन
विशेष एप के जरिये कुछ नाबालिग और युवक दे रहे इस ठगी को अंजाम, विकासनगर, कसुम्पटी और बीसीएस से आई हैं पुलिस के पास शिकायतें
विकासनगर से आई हैं कई शिकायतें : रचना
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर शहर में कई कारोबारियों को चूना लगाया जा रहा है। कुछ नाबालिग और युवक दुकानों पर जाकर सामान खरीद रहे हैं और फर्जी एप का इस्तेमाल कर पेमेंट का मैसेज दिखा रहे हैं, लेकिन कारोबारियों के खातों में पैसे नहीं आ रहे हैं। इस तरह कारोबारियों को हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जूस, चॉकलेट, कुरकुरे और अन्य छोटा सामान लेने में यह ठगी ज्यादा हो रही है।
दुकानों में भीड़ का फायदा उठाकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। शहर के विकासनगर, कसुम्पटी और बीसीएस क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। इस संबंध में स्थानीय पुलिस को भी शिकायत दी है। जानकारी के अनुसार विकासनगर और लोअर विकासनगर क्षेत्र में दो महीने से इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं। जांच में पता चला कि कई युवक सामान खरीदने के बाद फोन पर पेमेंट कन्फर्म होने की जानकारी देते हैं, लेकिन पैसे बैंक खातों में जमा नहीं होते। इसी तरह एक महिला कारोबारी को भी हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
कुछ युवकों को दुकानदारों ने पकड़ भी लिया। इसके बाद उनके परिजनों को सूचना दी गई और पुलिस से भी संपर्क किया गया। कई मामलों में पुलिस ने अभिभावकों को बुलाकर बच्चों से बातचीत की है और उन्हें इस तरह की धोखाधड़ी से दूर रहने के लिए जागरूक करने को कहा है। पकड़े गए बच्चों ने ही बताया कि इसी तरह कसुम्पटी और बीसीएस क्षेत्रों में भी दुकानदारों को निशाना बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक विशेष एप का इस्तेमाल कर फर्जी पेमेंट दर्शाई जाती है। यही नहीं एक दुकानदार से युवक ने 500 रुपये का सामान लिया और ऑनलाइन पेमेंट करने की बात कही लेकिन पैसे उसके खाते में पहुंचे ही नहीं। विकासनगर की पार्षद रचना ने बताया कि इस तरह की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कारोबारियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पेमेंट होने के बाद दुकानदार यह जरूर जांच लें कि राशि उनके बैंक खाते में वास्तव में पहुंची है या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकासनगर से आई हैं कई शिकायतें : रचना
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर शहर में कई कारोबारियों को चूना लगाया जा रहा है। कुछ नाबालिग और युवक दुकानों पर जाकर सामान खरीद रहे हैं और फर्जी एप का इस्तेमाल कर पेमेंट का मैसेज दिखा रहे हैं, लेकिन कारोबारियों के खातों में पैसे नहीं आ रहे हैं। इस तरह कारोबारियों को हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जूस, चॉकलेट, कुरकुरे और अन्य छोटा सामान लेने में यह ठगी ज्यादा हो रही है।
दुकानों में भीड़ का फायदा उठाकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। शहर के विकासनगर, कसुम्पटी और बीसीएस क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। इस संबंध में स्थानीय पुलिस को भी शिकायत दी है। जानकारी के अनुसार विकासनगर और लोअर विकासनगर क्षेत्र में दो महीने से इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं। जांच में पता चला कि कई युवक सामान खरीदने के बाद फोन पर पेमेंट कन्फर्म होने की जानकारी देते हैं, लेकिन पैसे बैंक खातों में जमा नहीं होते। इसी तरह एक महिला कारोबारी को भी हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
विज्ञापन
कुछ युवकों को दुकानदारों ने पकड़ भी लिया। इसके बाद उनके परिजनों को सूचना दी गई और पुलिस से भी संपर्क किया गया। कई मामलों में पुलिस ने अभिभावकों को बुलाकर बच्चों से बातचीत की है और उन्हें इस तरह की धोखाधड़ी से दूर रहने के लिए जागरूक करने को कहा है। पकड़े गए बच्चों ने ही बताया कि इसी तरह कसुम्पटी और बीसीएस क्षेत्रों में भी दुकानदारों को निशाना बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक विशेष एप का इस्तेमाल कर फर्जी पेमेंट दर्शाई जाती है। यही नहीं एक दुकानदार से युवक ने 500 रुपये का सामान लिया और ऑनलाइन पेमेंट करने की बात कही लेकिन पैसे उसके खाते में पहुंचे ही नहीं। विकासनगर की पार्षद रचना ने बताया कि इस तरह की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कारोबारियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पेमेंट होने के बाद दुकानदार यह जरूर जांच लें कि राशि उनके बैंक खाते में वास्तव में पहुंची है या नहीं।
विज्ञापन